बीमारियों से जूझ रहे मरीज परेशान, अस्पताल से डाक्टर गायब, डीएम ने मारा छापा

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 11:24 PM IST
बागपत जिला अस्पताल में चिकित्सक पर नाराजगी व्याप्त करते डीएम राजकमल यादव
बागपत जिला अस्पताल में चिकित्सक पर नाराजगी व्याप्त करते डीएम राजकमल यादव - फोटो : BAGHPAT
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बीमारियों से जूझ रहे मरीज परेशान, अस्पताल में चिकित्सकों के नहीं बैठने की शिकायत पर गुस्साए जिलाधिकारी
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अस्पताल में अव्यवस्था देख सीएमएस व चिकित्सकों से जताई कड़ी नाराजगी, कार्रवाई की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में डेंगू व वायरल कहर बरपा रहा है। इसके बावजूद जिला अस्पताल में हालात नहीं सुधर रहे हैं। वहां चिकित्सक गायब रहने से मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। मरीजों ने शुक्रवार को इसकी शिकायत जिलाधिकारी से कर दी। इससे गुस्साए डीएम तुरंत अस्पताल पहुंचे तथा हालात देख सीएमएस व चिकित्सकों से नाराजगी जताई। वहीं, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिला अस्पताल में व्यवस्था बेपटरी है। मरीजों को उपचार कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। वहां शुक्रवार को चिकित्सक निर्धारित स्थानों पर नहीं मिले। इस पर बड़ौत में फूंस वाली मस्जिद के समीप रहने वाले सरफराज ने डीएम से अस्पताल की बदहाली की शिकायत कर दी। इससे गुुस्साए डीएम राजकमल यादव तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। उन्हें वहां कई चिकित्सक कक्ष से नदारद मिले। चिकित्सकों के बारे में लिखित जानकारी भी दर्ज नहीं की थी। यह देख डीएम भड़क गए और उन्होंने सीएमएस से कड़ी नाराजगी जताई।

यहां सरफराज ने डीएम को बताया कि वह बुखार पीड़ित है। इसलिए डेंगू की जांच कराने अस्पताल आया है। यहां जांच नहीं की जा रही है। चिकित्सक भी मौजूद नहीं हैं। उनके बारे में सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है। डीएम खुद लैब में पहुंचे और लैब टेक्निशियन को फटकार लगाई। इसके बाद जांच शुरू की गई। इसके पश्चात डीएम ने सीएमएस व चिकित्सकों के साथ बैठक कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उनके साथ सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर सिंह भी मौजूद रहे।
सरकारी लैब में 15 हजार तो निजी में 55 हजार प्लेटलेट्स
बागपत की अनीसा ने डीएम को बताया कि उनके पति मोमीन अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी प्लेटलेट्स अस्पताल में 15 हजार बताई जबकि निजी लैब में 55 हजार बताई गई हैं। दोनों जांच में केवल आधा घंटे का अंतर है। उन्होंने कहा कि वे किस पर विश्वास करें।
मरीजों की कोई नहीं सुनता
ग्राम सिरसली के ऋषिकुमार का कहना है कि वे दो दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। कक्षा संख्या 12 में चिकित्सक नहीं मिलते हैं जबकि पर्चे पर कक्ष संख्या 12 दर्ज किया जाता है। बागपत निवासी शुएब का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी चिकित्सक नहीं मिले। काठा के ओमवीर ने बताया कि बुखार होने पर जिला अस्पताल में जांच कराने आए हैं। गौरीपुर की शहनाज ने बताया कि हड्डी विशेषज्ञ भी नहीं मिल रहे हैं। निबाली के शंकर कई दिन से बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें बताया कि डीएम के पहुंचने पर एक बजे के बाद जांच की गई।
लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
डीएम राजकमल यादव ने बताया कि चिकित्सकों की रोस्टर के साथ ड्यूटी लगाई जाएगी और मरीजों को बाहर की दवा नहीं लिखेंगे। इसमें लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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