{"_id":"6a15dae8b546a0b6420b0671","slug":"thunderstorm-and-drizzle-reduce-the-heat-of-nautapa-power-supply-disrupted-in-150-villages-balrampur-news-c-99-1-brp1003-149035-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: आंधी और बूंदाबांदी ने कम किया नौतपा का ताप, 150 गांवों की बिजली गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: आंधी और बूंदाबांदी ने कम किया नौतपा का ताप, 150 गांवों की बिजली गुल
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 26 May 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
फोटो-15- बलरामपुर के गुगौली कला में आंधी से गिरा छप्पर। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बलरामपुर। नौतपा की झुलसा देने वाली गर्मी के बीच सोमवार रात आई तेज आंधी और बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कई दिनों से 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा तापमान अचानक लुढ़ककर 36 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि तेज आंधी ने जिले के कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित किया। कई जगह पेड़ गिर गए, छप्पर उड़ गए और करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति घंटों ठप हो गई।
सोमवार देर रात जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। मंगलवार सुबह आसमान में बादल छाए रहने और हवाएं चलने से सूरज की तपिश कम महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी के मुकाबले तापमान में करीब चार डिग्री की गिरावट ने लोगों को बड़ी राहत दी। हरैया सतघरवा क्षेत्र में आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण कई कच्चे मकानों और झोपड़ियों के छप्पर उड़ गए। गुगौली कला निवासी कुसुमावती ने बताया कि रात में आई तेज आंधी से उनकी झोपड़ी का छप्पर उड़ गया, जिसके कारण परिवार को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। आंधी के चलते चौधरीडीह और तुलसीपुर मार्ग पर कई पुराने पेड़ गिर गए, जिससे घंटों आवागमन प्रभावित रहा। कई वाहन रास्ते में फंस गए और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। श्रीदत्तगंज, गैसड़ी, ललिया और पचपेड़वा क्षेत्र में भी तेज हवाओं के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मौसम में बदलाव का असर खेती पर भी दिखाई दिया। किसानों ने बारिश को गन्ना फसल के लिए फायदेमंद बताया। किसान रक्षाराम, जटाशंकर वर्मा, नानमून और उदयराज ने कहा कि तेज गर्मी के कारण खेतों में नमी खत्म हो रही थी, लेकिन बारिश से फसलों को राहत मिली है। जिला आपदा सलाहकार अरुण सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने 27 और 28 मई को आंधी, बिजली गरजने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और पेड़ों तथा जर्जर भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
आंधी से चरमराई बिजली व्यवस्था
तेज आंधी का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। गैसड़ी, जरवा, हरैया सतघरवा और तुलसीपुर क्षेत्र के करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई गांवों में सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। हरैया सतघरवा क्षेत्र में करीब 15 घंटे तक बिजली गुल रही। क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र कुमार, आशीष कुमार, मिथिलेश, रमेश कसौधन और केशवराम ने बताया कि पूरी रात लोग गर्मी में जागते रहे। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया। अवर अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि तेज हवा के कारण लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
विज्ञापन
उधर, जरवा क्षेत्र के कोइलाबास फीडर से जुड़े कई गांवों में 18 घंटे तक बिजली ठप रही। पिपरा दुर्गानगर के उपभोक्ताओं ने बताया कि आंधी के बाद से नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। फ्यूज और केबल बॉक्स जलने की समस्या बार-बार सामने आ रही है। पिपरहवा चौराहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लालनगर सिपहिया में ट्रांसफार्मर से जुड़ा केबल खराब होने से करीब 150 घरों की बिजली तीन दिनों से बंद है। लगातार बिजली न रहने से ग्रामीणों को पेयजल संकट और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण शिवकुमार मिश्र, विनोद द्विवेदी, तुलसीदास गुप्त, राजेश, रामकुमार, अंगद, हीरालाल, जानकी, सुरेंद्र और सुंदरलाल ने बताया कि विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अवर अभियंता दयाराम सिंह ने बताया कि खराब केबल को बदलकर जल्द ही विद्युत आपूर्ति सुचारू करा दी जाएगी।
सोमवार देर रात जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। मंगलवार सुबह आसमान में बादल छाए रहने और हवाएं चलने से सूरज की तपिश कम महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी के मुकाबले तापमान में करीब चार डिग्री की गिरावट ने लोगों को बड़ी राहत दी। हरैया सतघरवा क्षेत्र में आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण कई कच्चे मकानों और झोपड़ियों के छप्पर उड़ गए। गुगौली कला निवासी कुसुमावती ने बताया कि रात में आई तेज आंधी से उनकी झोपड़ी का छप्पर उड़ गया, जिसके कारण परिवार को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। आंधी के चलते चौधरीडीह और तुलसीपुर मार्ग पर कई पुराने पेड़ गिर गए, जिससे घंटों आवागमन प्रभावित रहा। कई वाहन रास्ते में फंस गए और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। श्रीदत्तगंज, गैसड़ी, ललिया और पचपेड़वा क्षेत्र में भी तेज हवाओं के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मौसम में बदलाव का असर खेती पर भी दिखाई दिया। किसानों ने बारिश को गन्ना फसल के लिए फायदेमंद बताया। किसान रक्षाराम, जटाशंकर वर्मा, नानमून और उदयराज ने कहा कि तेज गर्मी के कारण खेतों में नमी खत्म हो रही थी, लेकिन बारिश से फसलों को राहत मिली है। जिला आपदा सलाहकार अरुण सिंह ने बताया कि मौसम विभाग ने 27 और 28 मई को आंधी, बिजली गरजने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और पेड़ों तथा जर्जर भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आंधी से चरमराई बिजली व्यवस्था
तेज आंधी का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। गैसड़ी, जरवा, हरैया सतघरवा और तुलसीपुर क्षेत्र के करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई गांवों में सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। हरैया सतघरवा क्षेत्र में करीब 15 घंटे तक बिजली गुल रही। क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र कुमार, आशीष कुमार, मिथिलेश, रमेश कसौधन और केशवराम ने बताया कि पूरी रात लोग गर्मी में जागते रहे। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया। अवर अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि तेज हवा के कारण लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
Trending Videos
उधर, जरवा क्षेत्र के कोइलाबास फीडर से जुड़े कई गांवों में 18 घंटे तक बिजली ठप रही। पिपरा दुर्गानगर के उपभोक्ताओं ने बताया कि आंधी के बाद से नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। फ्यूज और केबल बॉक्स जलने की समस्या बार-बार सामने आ रही है। पिपरहवा चौराहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लालनगर सिपहिया में ट्रांसफार्मर से जुड़ा केबल खराब होने से करीब 150 घरों की बिजली तीन दिनों से बंद है। लगातार बिजली न रहने से ग्रामीणों को पेयजल संकट और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण शिवकुमार मिश्र, विनोद द्विवेदी, तुलसीदास गुप्त, राजेश, रामकुमार, अंगद, हीरालाल, जानकी, सुरेंद्र और सुंदरलाल ने बताया कि विभाग को सूचना देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अवर अभियंता दयाराम सिंह ने बताया कि खराब केबल को बदलकर जल्द ही विद्युत आपूर्ति सुचारू करा दी जाएगी।