सवा सौ गांवों में घुसा पानी, तराई में हाहाकार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:03 AM IST
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बाराबंकी। नेपाल से छोड़ गया पानी तराई में तबाही मचा रहा है जिससे यहां हाहाकार मचा हुआ है। तीन तहसीलों के करीब सवा सौ गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। यहां के लोग तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं। शुक्रवार को नदी का पानी सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए खतरे के निशान से 77 सेंमी. ऊपर पहुंचने के साथ बढ़ता ही जा रहा है।
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गांवों को आने जाने वाले मार्गोँ पर पानी भर जाने से वहां का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। इससे इन गांवों में फंसे लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने का कार्य किया जा रहा है। तराई के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। जिससे तराई के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 77 सेंमी. ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसके साथ ही नदी का पानी अभी भी बढ़ रहा है। बाढ़ की चपेट में सिरौलीगौसपुर के करीब 60, रामनगर के लगभग 15 और सूरतगंज के करीब 30 और रामसनेहीघाट क्षेत्र के करीब 20 गांव पूरी तरह से जलमग्न हैं।
गांवों में पानी भर जाने के कारण यहां के लोगों का सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन बराबर जारी है। लोग परिवारीजनों के साथ तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं लेकिन यहां पर भी इन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार, सिरौलीगौसपुर के टेपरा, कहरानपुरवा, भयकपुरवा, बघौलीपुरवा, सरायसुर्जन, ढेकवामाफी, परसा, कोठीडीहा, सिरौलीगूंग विहड़, मनीरामपुरवा, बबूरी, सरदाहा, तेलवारी, भैरवकोल, गोबरहा, इटहुआ पूरब, मझरायपुर, नव्वनपुरवा, नैयपुरा, परसवाल, कमियार समेत करीब 60 गांव बाढ़ से पूरी तरह से प्रभावित है।
वहीं रामसनेहीघाट तहसील के अतरसुइया, सूबेदारपुरवा सेमरी सीकरी बसंतपुर गौरीपुरवा ढेमा, किठुली लिलार सोनबरसा समेत 20 गांव बाढ़ के पानी से भरे हुए हैं। एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्रपाल विश्वकर्मा ने बताया कि तहसील की तरफ से बांध पर बसे लोगों और गांव में फंसे हुए व्यक्तियों को लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है।
सूरतगंज प्रतिनिधि के अनुसार, सुंदरनगर, कोडरी, मदरहा, कोईलीपुरवा, कचनापुर, हेतमापुर, बलाईपुर, उधियापुर सरसंडा, ललपुरवा, बाबापुरवा, कोरियन पुरवा, बबुरी, केदारी, बिझला, बल्लोपुर, पंडितपुरवा, पर्वतपुर, खुज्जी, जमका, साई तकिया, सकतापुर, पूरनपुर, फाजिलपुर, परसरामपुर, अकौना, सुमिरनपुरवा, मिश्रीपुरवा समेत 30 गांव जलमग्न हैं।
बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला का किया गया रेस्क्यू
सिरौलीगौसपुर बाढ़ क्षेत्र भयकपुरवा निवासी मीना पत्नी केशवराम की पत्नी को शुक्रवार दोपहर पेट में दर्द शुरू हो गया। उसको डिलीवरी होनी थी। मगर गांव के चारों तरफ पानी ही पानी था। इसकी सूचना दूरभाष से परिवारीजनों ने सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर संतोष सिंह को दी।
इसके बाद डॉक्टर महिला स्टाफ के साथ व बांध पर लगे गोताखोरों को लेकर के नाव से भयकपुरवा गांव पहुंचे। जहां से महिला को रेस्क्यू करके उसको बाहर निकाला और बांध पर लगी एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। वहां पर उसका इलाज कराया गया और उसकी डिलीवरी भी अस्पताल में हुई।
अस्पताल, विद्यालय और मंदिर बाढ़ में डूबे
गोबरहा गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से पानी में डूब गया है। जिससे लोगों को इलाज नहीं मिला पा रहा है। वहीं तेलवारी गांव में प्राथमिक विद्यालय व शंकर जी का मंदिर पूरा नदी में डूब गया है।
बाढ़ पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री
बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के सरयू की तलहटी में बसे कई गांव के लोगों से शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप ने हालचाल लिया और बाढ़ पीड़ितों में लंच पैकेट वितरित किया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ कुलदीप सिंह, विनोद कुमार यादव इंतिखाब आलम नोमानी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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