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Barabanki: सरयू की धारा में समाई 10 बीघा जमीन और मंदिर, जलस्तर घटते ही तेज हो जाती है कटान

कोटवाधाम/ टिकैतनगर (बाराबंकी), अमर उजाला, बाराबंकी Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 13 Aug 2022 06:40 PM IST
सार

सरयू का जलस्तर कम होते ही नदी का कटान शुरू हो गया है। इसे लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। इससे करीब 10 बीघे जमीन नदी में समा गई।

बाराबंकी के रामसनेहीघाट क्षेत्र के पत्रा गांव में घरों को निगल रही सरयू नदी।
बाराबंकी के रामसनेहीघाट क्षेत्र के पत्रा गांव में घरों को निगल रही सरयू नदी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

सरयू नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही कटान भी अपने चरम पर पहुंच गई है। शुक्रवार की नदी की धारा की चपेट में आकर खेती योग्य दस बीघे जमीन और एक मंदिर नदी में समा गया। इसके अलावा तराई के कई गांवों में बने घर नदी के निशाने पर है जो किसी भी समय नदी की धारा में समा सकते हैं लेकिन बाढ़ खंड से लेकर प्रशासन तक कटान रोकने के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिससे तराई के लोगों में दहशत का माहौल है।



टिकैतनगर क्षेत्र के बसंतपुर पत्रा गांव में नदी किनारे बना करीब 40 साल पुराना हनुमान मंदिर और यहां पर लगा पीपल का पेड़ शुक्रवार को नदी की धारा में समा गया। इससे पहले भी इस गांव के 18 मकान नदी की धारा में समा चुके हैं इसके बाद भी तहसील प्रशासन इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिससे यहां के लोगों में दहशत का माहौल है और लोग लगातार सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं।


वहीं सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में तेलवारी गांव के पास कटान और तेज हो गई है। किसानों ने बताया कि उनकी करीब दस बीघा खेती योग्य भूमि नदी की धारा में समा चुकी है नदी का पानी तेजी से कटान करता हुआ गांवों की ओर बढ़ रहा है जिससे इसके निशाने पर कई घर भी आ गए हैं। लेकिन प्रशासनिक अमला और बाढ़ खंड के अधिकारी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

ड्रेजिंग में लापरवाही से बढ़ी कटान
सरयू नदी में ड्रेजिंग कार्य नदी की धारा मोड़ने के लिए किया गया था मगर नदी की धारा तो मुड़ी नहीं बल्कि तेलवारी गांव कटान की मुसीबत में जरूर आ गया है। यहां के लोगों का कहना है कि ड्रेजिंग के समय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था मगर कोई सुनवाई नही हुई और मनमाने तरीके से कार्य किया गया जिसके कारण अब पूरा गांव कटान की जद में आ गया है। आरोप है कि बाढ़ खंड के मैकेनिकल विभाग द्वारा जमकर लापरवाही की गई जिसका खामियाजा यहां के लोग भुगत रहे हैं।
सरयू नदी द्वारा तराई क्षेत्र में की जा रही कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि इसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है तो यह गलत है इसकी जांच कराकर ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी

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