चार दिन से बंधक था दूल्हा, डीजीपी ने छुड़वाया

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Thu, 08 Mar 2018 07:29 PM IST
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up police - फोटो : अमर उजाला
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एक जगह लड़की पसंद न आने पर दूसरी जगह शादी करना दूल्हे और उसके परिवार को भारी पड़ गया। लड़की वाले के करीबी विधायक के कहने पर कादरचौक पुलिस ने दूल्हे, उसके दो भाइयों और पिता को चार दिनों तक अवैध रूप से थाने में बैठाए रखा। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता की पहल पर डीजीपी ने संज्ञान लिया तो पुलिस ने बारात से तीन घंटे पहले दूल्हे समेत चारों लोगों को छोड़ दिया। इसके बाद वह बारात लेकर रवाना हो सके। 
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उझानी क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की बारात गुरुवार को उसावां क्षेत्र के गांव में गई। इस संबंध में शहर निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता जितेंद्र वर्मा ने बताया कि कादरचौक क्षेत्र के ही निवासी ग्रामीण की शिकायत पर एक विधायक ने फोन करके दूल्हे, उसके पिता और दो भाइयों को बंद करा दिया था। बताया कि करीब महीने भर पहले कादरचौक का यह ग्रामीण उस युवक के घर बेटी का रिश्ता लेकर गया था। इसके बाद युवक के घरवाले भी लड़की पक्ष के यहां आए थे। बिरादरी वाले यह लोग एक दूसरे के दूर के रिश्तेदार भी थे। इन्हें लड़की पसंद नहीं आई तो यह लोग इंकार करके चले आए और उसावां क्षेत्र में लड़की पसंद करके शादी तय कर ली। 

गुरुवार को युवक की बारात जानी थी। इसके लिए वर पक्ष तैयारियों में जुटा था। पहली वाली लड़की के पिता ने कहा तो उनके करीबी विधायक ने लड़के, उसके दो भाइयों और पिता को चार दिन पहले उझानी पुलिस से पकड़वा दिया। इनमें दूल्हे का एक भाई पंद्रह साल का किशोर भी था। उझानी पुलिस ने अगले दिन इन्हें कादरचौक पुलिस को सौंप दिया। तीन दिन से बिना किसी लिखापढ़ी के कादरचौक पुलिस ने पिता-पुत्रों को थाने में बैठाए रखा। उन्हें छुड़ाने को कोई सिफारिश करता तो पुलिस सीधे विधायक से जुड़ा मामला बताकर शांत करा देती थी। एकाध से यह भी कहा कि गुरुवार को शादी की तारीख निकलते ही शुक्रवार को छोड़ देंगे। इस बीच पीड़ित पक्ष के कुछ लोग जितेंद्र वर्मा को मिले। वर्मा ने बुधवार रात सीएम कार्यालय, गृह सचिव और डीजीपी को फैक्स और मैसेज के जरिये पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। बताया कि बिना किसी ठोस वजह या रिपोर्ट के सिर्फ विधायक के कहने भर से कादरचौक एसओ ने दूल्हे और उसके परिवारीजनों को बंधक बना रखा है। इससे मानवाधिकार का हनन हो रहा है तो वहीं एक शादी टल सकती है जिससे दो परिवारों के साथ ही कई लोगों को समस्या हो जाएगी। गुरुवार सुबह ही इस मामले का सीएम कार्यालय और डीजीपी ने संज्ञान ले लिया। डीजीपी के आदेश पर एसपी सिटी कमल किशोर ने जितेंद्र वर्मा से फोन पर वार्ता करके स्थिति की जानकारी ली और एसओ कादरचौक को लताड़ लगाई। गुरुवार दिन में 11 बजे ही एसओ ने दूल्हे समेत चारों लोगों को छोड़ दिया। इसकी जानकारी अधिकारियों के साथ ही वर्मा को भी फोन करके दी गई। इसके बाद बारात रवाना हो सकी। वहीं, इस मामले में अपना बचाव करते हुए एसओ कादरचौक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि किसी विधायक की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। एक लड़की वाले ने रुपये के लेनदेन का आरोप लगाकर शिकायत की। इस पर गुरुवार को ही लड़के वालों को बुलाया गया। पूछताछ में कोई आरोप साबित नहीं हुआ तो उन्हें भेज दिया गया। मामले को दुष्प्रचारित किया गया है। अवैध हिरासत जैसी बात नहीं है।

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