Chandauli News: बहू पर गलत नीयत व पैसों का विवाद, लोको पायलट ने डेढ़ लाख की सुपारी देकर मुनीम की कराई थी हत्या
पुलिस ने मुनीम हत्याकांड का खुलासा कर दिया। तगादे और बहू पर गलत नीयत से परेशान लोको पायलट ने मुनीम की हत्या कराई थी। उसने घटना से तीन दिन पहले ही डेढ़ लाख की सुपारी देकर बिहार से दो शूटर बुलाए थे। लोको पायलट ने शूटरों को परिचित के खाली मकान में ठहराया था।
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चंदौली एसपी आकाश पटेल ने सोमवार को पुलिस लाइन में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 6 जून को अलीनगर थाने पर मुगलसराय थानाक्षेत्र के चतुर्भुजपुर छिड़े बस्ती निवासी अशोक कुमार ने तहरीर दी थी कि मेरे भाई मनोज (38) प्रतिदिन की भांति घर से लगभग सुबह 7 बजे काम पर कोयला मंडी स्थित श्रीराम धर्म काटा चंदासी के लिए निकले थे। दिन में करीब 2:30 बजे सूचना मिली कि ग्राम टरियां पटपरा में सड़क पर बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी है। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न टीमों गठन किया।
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जांच में सामने आई ये बात
जांच में पता चला कि मुनीम मनोज धर्मकांटे से घटना वाले दिन अचानक 1 बजे यह बताकर निकला था कि किसी जानने वाले का एक्सीडेंट हुआ है, जिसे देखने अस्पताल जा रहा है। इसके कुछ देर बाद ही हत्या हो गई। शव के पास से एक डायरी मिली, जिसमें बहुत सारे लोगों को ब्याज पर पैसे देने का उल्लेख था। सीसीटीवी फुटेज देखने से संकेत मिला कि मृतक घटनास्थल की ओर अकेले नहीं गया, एक अन्य व्यक्ति दूसरी साइकिल से साथ-साथ गया और उनके पीछे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल भी जाती दिखाई दी। मृतक की सीडीआर में एक संदिग्ध कॉल मिली, जिसे सीसीटीवी फुटेज से मिलान करने पर संदिग्ध के रूप में रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह का नाम सामने आया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
एसपी आकाश पटेल ने बताया कि बिहार के बक्सर जिले के भदेसरी निवासी रेलवे में लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह वर्तमान में पीडीडीयू नगर की मानस नगर कॉलोनी में क्वार्टर नं. 1665 में रहता था। उसने बताया कि वर्ष 2020 में उसने मृतक मनोज कुमार से लगभग 3 लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। शुरू में वह नियमित रूप से किस्तों का भुगतान करता रहा पर बाद में बीमारी एवं पारिवारिक समस्याओं के कारण शेष धनराशि वापस नहीं कर पाया। समय बीतने के साथ ब्याज सहित उक्त रकम बढ़कर लगभग 7 लाख रुपये हो गई थी। मनोज कुमार लगातार बकाया धनराशि की मांग करता था और तकादे के सिलसिले में उसके घर भी आता-जाता रहता था। पूछताछ में लोको पायलट ने बताया कि वह मृतक के लगातार दबाव और अपनी बहू के प्रति उसकी गलत नीयत को लेकर मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान और आक्रोशित रहता था। इसी कारण उसने मनोज कुमार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पिस्टल के लिए 45 हजार दिए नकद और जनसेवा से खाते में भेजे पैसे
लोको पायलट कृष्ण भगवान ने योजना को पूर्ण करने के लिए के लिए अपने गांव के समीप रहने वाले परिचित बिहार के ही बक्सर जिले के सुकुर टोला निवासी भरत सिंह से संपर्क किया और मनोज कुमार की हत्या कराने की बात कही। इस पर भरत सिंह ने डेढ़ लाख रुपये लेकर हत्या की जिम्मेदारी स्वयं लेने की बात कही और अपने साथ एक अन्य शूटर लाने की जानकारी दी। भरत सिंह को हत्या में प्रयुक्त पिस्टल की व्यवस्था के लिए कृष्ण भगवान ने लगभग 45 हजार रुपये नकद दिए और सुपारी की तय रकम में से विभिन्न तिथियों पर जनसेवा केंद्र के माध्यम से लगभग 45 हजार रुपये उसके खाते में जमा कराए। शेष धनराशि घटना को अंजाम देने के बाद देने का निर्णय हुआ।
एसपी आकाश पटेल ने बताया कि 3 जून को ही भरत सिंह अपने साथी बिहार के भोजपुर जिले के पुलिस का डेरा निवासी शूटर सूरज कुमार के साथ मुगलसराय स्थित लोको पायलट के सरकारी आवास पर पहुंचा। कृष्ण भगवान ने दोनों को अपने परिचित के खाली मकान में ठहराया और उनके रहने-खाने की व्यवस्था की। अगले दो दिनों तक कृष्ण भगवान ने दोनों शूटरों को घटनास्थल, संभावित मार्ग और भागने के रास्तों का निरीक्षण कराया और हत्या की पूरी साजिश को अंतिम रूप दिया।
घटना के दिन कब क्या हुआ
6 जून को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार कृष्ण भगवान मुगलसराय से चहनियां मार्ग स्थित एक मिठाई की दुकान पर पहुंचा, जहां भरत सिंह और सूरज उर्फ राजेश भी बाइक से पहुंचे। वहां कृष्ण भगवान ने अपना मोबाइल खराब होने का बहाना बनाकर दुकान के कर्मचारी का मोबाइल लिया और उसी मोबाइल से मृतक मनोज कुमार को फोन कर ब्याज की रकम देने के बहाने राम मंदिर, लोको कॉलोनी क्षेत्र में बुलाया। मृतक द्वारा सहमति जताने के बाद वह निर्धारित स्थान पर पहुंच गया। इसके बाद आरोपी कृष्ण भगवान ने मनोज कुमार को रुपये दिलाने के बहाने टड़िया गांव के प्रधान के पास चलने के लिए कहकर अपने साथ साइकिल से ले गया। भरत सिंह और सूरज उर्फ राजेश मोटरसाइकिल से उनका पीछा कर रहे थे। अभियुक्त कृष्ण भगवान ने पहले से ही दोनों शूटरों को बता दिया था कि उसके साथ साइकिल पर चल रहा व्यक्ति ही लक्ष्य है। पटपरा गांव के समीप पहुंचने पर कृष्ण भगवान ने योजना के अनुसार बातचीत के दौरान रास्ता भूल जाने का बहाना बनाया और वापस लौटने की बात कही। कुछ दूरी पर पहुंचकर उसने पेशाब करने का बहाना बनाकर साइकिल रोक दी, जिससे मनोज कुमार भी रुक गया। इसी दौरान मोटरसाइकिल से आगे निकल चुके भरत सिंह और शूटर सूरज उर्फ राजेश वापस लौटे और मनोज कुमार को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया।
एसपी आकाश पटेल ने बताया कि पूछताछ में कृष्ण भगवान ने बताया कि सूरज उर्फ राजेश ने सबसे पहले मनोज कुमार के सिर में गोली मारी, जिससे वह साइकिल समेत सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद उसकी मौत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दूसरी गोली उसके सीने में मारी। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर मोटरसाइकिल से रिंग रोड के रास्ते बिहार की ओर फरार हो गए, जबकि कृष्ण भगवान स्वयं टड़िया गांव के रास्ते अपने सरकारी आवास पर लौट आया। उसने यह भी स्वीकार किया कि हत्या की सुपारी की शेष धनराशि में से लगभग 1,05,000 रुपये घटना से कुछ घंटे पूर्व ही उसके द्वारा भरत सिंह के खाते में जमा कराए गए थे। घटना के बाद पुलिस की नजर से बचने और स्वयं को सामान्य दर्शाने के उद्देश्य से वह अपनी रेलवे ड्यूटी पर चला गया तथा पीडीडीयू जंक्शन से ट्रेन द्वारा अपने नियमित कार्य पर निकल गया।
अपर पुलिस महानिदेशक ने दिया 50 हजार का इनाम
घटना में शामिल एक शातिर शूटर सूरज उर्फ राजेश यादव को बिहार से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त असलहे की बरामदगी के लिए शनिवार को पुलिस लेकर गई। कुरहना अंडरपास से 100 मीटर दूर कैली अंडर पास घटनास्थल पर पहुंचकर अभियुक्त को वाहन से उतारा गया। इसी दौरान शूटर ने झाड़ियों में छिपाकर रखी पूर्व से लोडेड पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर भागने का प्रयास किया गया। जबावी फायरिंग में उसके दोनो पैर में गोली लग गई। वह गिरफ्तार हो गया। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया गया है। इस मामले में अपर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
हत्या की टाइमलाइन
- 03 जून : बिहार से चंदौली पहुंचे शूटर
- 04-05 जून : घटनास्थल और रास्तों की रेकी
- 06 जून दोपहर : रुपये देने के बहाने बुलाया गया
- 06 जून : पटपरा के पास गोली मारकर हत्या
- 07 जून : पुलिस ने किया खुलासा
ऐसे खुली हत्या की गुत्थी
- डायरी से मिले ब्याज के लेन-देन के सुराग
- सीसीटीवी में दूसरी साइकिल और बाइक दिखी
- सीडीआर से संदिग्ध कॉल सामने आई
- तकनीकी विश्लेषण से लोको पायलट तक पहुंची पुलिस
- पूछताछ में खुला पूरा राज