एटा में किशोर ने उठाया आत्मघाती कदम: पुलिस कार्रवाई से आहत होकर गोली मारकर की आत्महत्या

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा Published by: आगरा ब्यूरो Updated Tue, 21 Sep 2021 05:47 PM IST

सार

मृतक के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोतवाली नगर की बस स्टैंड पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा मोहित राना व अन्य पुलिस कर्मियों ने नौ मार्च 2021 को बाइक सहित अभिषेक को पकड़ लिया था। उसे छोड़ने के लिए दो लाख रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर 12 मार्च को नशीला पदार्थ रखने का झूठा आरोप लगाकर जेल भेज दिया।
मृतक अभिषेक फाइल फोटो। संवाद
मृतक अभिषेक फाइल फोटो। संवाद - फोटो : ETAH
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विस्तार

शहर के मोहल्ला बापू नगर में 17 वर्षीय किशोर ने मंगलवार दोपहर तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। किशोर के पिता ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस कार्रवाई से आहत होकर उनका बेटा यह कदम उठाने को मजबूर हुआ। रवींद्र सिंह चौहान के 17 वर्षीय पुत्र अभिषेक चौहान ने घर के कमरे में आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन पहुंचे तो अभिषेक खून से लथपथ बेड पर पड़ा हुआ था। परिजन जिला अस्पताल लेकर आए, यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोतवाली नगर की बस स्टैंड पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा मोहित राना व अन्य पुलिस कर्मियों ने नौ मार्च 2021 को बाइक सहित अभिषेक को पकड़ लिया था। उसे छोड़ने के लिए दो लाख रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर 12 मार्च को नशीला पदार्थ रखने का झूठा आरोप लगाकर जेल भेज दिया। वहीं बाइक का 15 हजार रुपये का चालान कर दिया। साढ़े तीन महीने जेल में रहने के बाद 25 जुलाई को पुत्र बाहर आया। इसके बाद से अपने भविष्य को लेकर अवसाद में रहने लगा। मंगलवार दोपहर तमंचे से खुद को गोली मार ली।

इकलौते पुत्र की मौत से परिजन गमगीन
रवींद्र सिंह का यह इकलौता पुत्र था। जिसकी मौत से परिजन गमगीन हैं। रवींद्र का कहना है कि पुत्र नौ मार्च को पिज्जा लेने के लिए घर से निकला था। तभी उसको पुलिस ने पकड़ लिया और मेरी दुनिया ही उजाड़ दी। अब घर में एक बेटी ही बची है।
पुलिस में तैनात चाचा ने भी की थी सिफारिश
रवींद्र के मुताबिक पकड़े जाने के दौरान किशोर ने खुद को बेकसूर बताया और पुलिस कमियों से हल्की नोकझोंक भी हुई थी। यह बात पुलिस कर्मियों को बुरी लगी और गंभीर आरोप में जेल भेजने की योजना बनाई गई। किशोर के चाचा धनंजय सिंह शाहजहांपुर में पुलिस इंस्पेक्टर हैं। उनसे भी सिफारिश कराई, लेकिन पुलिस ने नहीं मानी। बातचीत के ऑडियो को जांच के लिए एसएसपी को दिया था।
शिकायत पर एएसपी को सौंपी गई थी जांच
अभिषेक के जेल जाने के बाद परिजनों ने एसएसपी उदय शंकर सिंह से शिकायत कर झूठे केस में फंसाने की बात कही। जिस पर दरोगा को चौकी से हटा दिया गया और मामले की जांच एएसपी ओपी सिंह को सौंपी गई थी।

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