प्रदेश सरकार की वेबसाइट हैक कर बनाते थे फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, दो गिरफ्तार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:33 AM IST
Fake birth and death certificates were made by hacking the state government's website, two arrested
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अयोध्या। साइबर थाना पुलिस ने प्रदेश सरकार की वेबसाइट हैक कर फर्जी तरीके से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के दो बदमाशों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों ने सोहावल क्षेत्र की सुरवारी व अन्य कई ग्राम पंचायतों का जन्म स्थान दर्शाकर बिहार समेत असम, पश्चिम बंगाल व झारखंड आदि राज्यों के लोगों का फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जार किया है।

इसकी शिकायत सोहावल ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी वैभव पांडेय ने दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पोर्टल से लगभग 900 लोगों को जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
मिल्कीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व अलभरी ग्राम पंचायत की वेबसाइट हैक कर इसी तरह जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। वहीं इस फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर विदेशियों द्वारा भारतीय नागरिकता लेने की भी संभावना जताई जा रही है।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उक्त शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में धारा 420, 468, 471 व 66डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
इसके बाद एएसपी साइबर क्राइम सच्चिदानंद राय व सीओ सिटी पलाश बंसल के नेतृत्व में साइबर सेल व थाना पटरंगा पुलिस की टीम बनाई गई। टीम की कड़ी मेहनत के बाद शुक्रवार को थाना पटरंगा क्षेत्र से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
यह दोनों मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। इनकी पहचान हरिओम सिंह व आकाश सिंह निवासी गुरुद्वारा मोहल्ला गली थाना अंबाह जिला मुरैना मध्य प्रदेश के रूप में हुई।
इनके पास से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, पांच सिम कार्ड, तीन हार्ड डिस्क, 13 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व सात फर्जी आधार कार्ड, दो बायोमीट्रिक थंब स्कैनर के अलावा मेमोरी कार्ड, वाई फाई डिवाइस, कार्ड रीडर आदि बरामद हुआ है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पत चला कि वह विभिन्न प्रदेशों के लोगों से जुड़े हैं। जिनके द्वारा आवश्यकतानुसार मांगे जाने पर फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करते थे। इसके लिए व प्रदेश सरकार की वेबसाइट को हैक कर लेते थे।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के संबंध असम, पश्चिम बंगाल, बिहार व झारखंड के रहने वाले लोगों से पाए गए हैं। उन्होंने यहां के लिए कई हजार फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए।
ऐसे में आशंका है कि कहीं इसका प्रयोग बाहर देशों से आए लोगों द्वारा भारतीय नागरिकता लेने में न किया गया हो। इसमें बांग्लादेशी व रोहिंग्या भी शामिल हो सकते हैं। इसकी गहन जांच की जा रही है। जिला पुलिस ने इन प्रदेशों की पुलिस से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

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