अयोध्या आकर रामकथा पर शोध कर सकेंगे शोधार्थी

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:39 AM IST
Researchers will be able to do research on Ram Katha by coming to Ayodhya
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अयोध्या। रामनगरी में बहुत जल्द अयोध्या शोध संस्थान को चार मंजिला सुसज्जित भवन मिलने जा रहा है। 17 करोड़ की लागत से अयोध्या शोध संस्थान को हाईटेक बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। संस्थान के इस नए भवन में अयोध्या आकर रामकथा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोध व सर्वेक्षण करने वाले देश-विदेश के शोधार्थियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया होगी।
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नए भवन में पुस्तकालय, वाचनालय, अत्याधुनिक तकनीक के साथ ऑडिटोरियम भी होगा। विश्व भर की रामलीला संस्कृति से भी भक्त यहां रू-ब-रू हो सकेंगे। संस्कृति विभाग प्रदेश सरकार की इकाई अयोध्या शोध संस्थान के रिमॉडलिंग का काम जोरों पर चल रहा है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल व भव्य संग्रहालय भी बनाया जा रहा है।

जिसमें विभिन्न देशों की शिल्प व रामायण सामग्री का संग्रह होगा। मार्च 2022 तक संस्थान के रिमॉडलिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य है। संस्थान के नवीन संग्रहालय में न सर्फ देश-विदेश के रामायण का संग्रह होगा बल्कि विभिन्न देशों की शिल्प व रामायण सामग्री भी संग्रहालय केे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करती नजर आएगी।
संस्थान को वाईफाई सुविधा से लैस किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था हो रही है कि एक क्लिक पर घर बैठे ही भक्त ऑनलाइन रामलीला का मंचन देख सकेंगे। नए संस्थान में एक प्रदर्शनी कक्ष भी बनेगा। जिसमें विभिन्न देशों की रामायण से संबंधित पेंटिंग, भारत के विभिन्न प्रांतों की लोक कलाओं का प्रदर्शन आदि किया जाएगा।
देश-विदेश के शोधार्थियों के लिए भी यहां बुनियादी सुविधाएं होंगी। जिससे राम, रामकथा से लेकर अयोध्या की सांझी संस्कृति पर शोध कार्य आसान हो जाएगा। शोध संस्थान में 2004 से ही संचालित नित्य रामलीला भी बाधित है। स्वयं में कीर्तिमान रचने वाली नित्य रामलीला 2014 और 2015 में भी बाधित हुई थी। योगी सरकार के प्रयास से 2017 में रामलीला का क्रम आगे बढ़ा।
भवन नवीनीकरण की प्रक्रिया के चलते यह फिर बाधित हो गई। संस्थान ने ओपन रामलीला मंचन का प्रयास किया था, लेकिन शासन से अनुमति नहीं मिली ऐसे में नित्य रामलीला के शुरू होने का सभी को इंतजार है। माना जा रहा है कि नया भवन बनने के बाद अनवरत रामलीला का मंचन फिर प्रारंभ कर दिया जाएगा।
अयोध्या शोध संस्थान के रिमॉडलिंग का काम जोरों पर चल रहा है। नया भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। देश-विदेश के शोधार्थियों के लिए यहां बुनियादी सुविधाएं होंगी। विश्व भर की रामलीला संस्कृति का भी संग्रह यहां मिलेगा। मार्च 2022 तक नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा।- लवकुश दिवेदी, निदेशक अयोध्या शोध संस्थान

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