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मस्जिद के नक्शा समेत विदेशी चंदा लेने में फंसा पेंच

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 01:21 AM IST
Screw trapped in taking foreign donation including the map of the mosque
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अयोध्या। जनपद में बाबरी मस्जिद के एवज में बनने वाली मौलवी अहमदुल्लाह शाह मस्जिद में नक्शे व विदेशी चंदे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा नक्शे को लेकर मांगी गई एनओसी अभी तक इंडो इस्लामिक कल्चलर फाउंडेशन ट्रस्ट नहीं जमा कर सका है।
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यह एनओसी आर्किटेक्ट की ओर से दी जानी है। इसके साथ ही विदेशी चंदा जुटाने के लिए एफसीआरए (विदेशी अंशदान(विनियमन) अधिनियम) से भी अनुमति नहीं मिल सकी है।

कारण यह है कि ट्रस्ट को पहले तीन विदेशी चंदा देने के नाम बीआरएलएफ (भारत रूरल लाइवलीहुड्स फाउंडेशन) को देने होंगे। ट्रस्ट ने तीन नाम तो चयनित कर लिए हैं लेकिन आगे की कार्यवाही अधर में है। इस सबके चलते मस्जिद निर्माण के कार्य में देरी हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद मामले मेें मस्जिद के लिए पांच एकड़ भूमि दिए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी।
इसके बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इंडो इस्लामिक कल्चलर फाउंडेशन के नाम से ट्रस्ट गठित कर पांच एकड़ की भूमि में मस्जिद निर्माण के साथ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, अनुसंधान केंद्र व कम्यूनिटी किचन बनाए जाने का निर्णय लिया।
इसके लिए ट्रस्ट ने लगभग छह माह पूर्व अयोध्या विकास प्राधिकरण में अपना नक्शा भी स्वीकृति के लिए जमा किया। साथ ही मस्जिद की लागत 130 करोड़ आंकी गई, लेकिन अब तक यह नक्शा पास नहीं हो सका है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से कुछ आपत्तियां लगाकर कुछ एनओसी मांगी गईं थीं लेकिन अभी तक न तो ट्रस्ट आपत्तियों का जवाब दे सका है, व न ही निर्धारित एनओसी ही जमा कर सका है।
इससे नक्शा पास होने की प्रक्रिया अधर में है। दूसरी ओर से मस्जिद निर्माण में सबसे बड़ी दिक्कत फंड की है। ट्रस्ट ने निर्णय लिया था कि चयनित लोगों से ही चंदा लिया जाएगा।
अभी तक ट्रस्ट ने चयनित लोगों का न तो नाम जारी किया व न ही चंदे की धनराशि सार्वजनिक की है। दूसरी ओर ट्रस्ट ने विदेशी चंदा जुटाने का भी निर्णय लिया था लेकिन अभी तक एफसीआरए में आवेदन नहीं हो सका है।
इसका कारण यह बताया जा रहा है कि एफसीआरए में आवेदन से पहले कम से कम तीन विदेशी लोगों के चंदा देने की पुष्टि होनी चाहिए। इसके बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण हो पाएगी।
इन तमाम कारणों के बीच अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का कार्य अधर में लटका हुआ है। इंडो इस्लामिक कल्चलर फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि मस्जिद निर्माण का कार्य चुनाव बाद ही शुरू होगा।
विकास प्राधिकरण की ओर से नक्शा स्वीकृति के लिए जो एनओसी मांगी गई थी, उसमें आर्किटेक्ट के हस्ताक्षर लिए जाने है। मौजूदा समय में आर्किटेक्ट को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत हो रही है।
उनके स्वस्थ होने के बाद जल्द ही एनओसी को जमा किया जाएगा। इसके साथ ही एफसीआरए में तीन विदेशी चंदा देने वालों को चिह्नित कर लिया है, आवेदन का कार्य भी जल्द किया जाएगा।
अयोध्या के सोहावल के ग्राम कोला निवासी लाल मोहम्मद कहते हैं कि धन्नीपुर में मस्जिद बनाने से क्षेत्र का विकास होगा। ट्रस्ट को चाहिए कि जल्द से जल्द मस्जिद का निर्माण करें।
सोहावल निवासी शमशाद बताते हैं कि मस्जिद के साथ एक अच्छे अस्पताल का भी निर्माण होना है। इससे क्षेत्र के लोग जल्द मस्जिद निर्माण चाहते हैं।
सोहावल निवासी मिक्की का कहना है कि ट्रस्ट का कार्य बहुत धीमा है, इसमें तेजी आनी चाहिए। मस्जिद व अस्पताल का निर्माण जल्द हो।

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