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Fatehpur News: सर्राफा व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, आजीविका संरक्षण की उठाई मांग
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जयरामनगर। सर्राफा व ज्वेलरी उद्योग संगठन के व्यापारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी को राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बाजारों में घटती व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। व्यापारियों ने सरकार से उद्योग को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं।
संगठन अध्यक्ष कुलदीप पप्पन रस्तोगी ने कहा कि भारत का सर्राफा व ज्वेलरी उद्योग केवल व्यापार नहीं है। यह देश की पारंपरिक कौशल विरासत है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था व करोड़ों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उद्योग से करीब 3.5 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि सोने के आभूषणों की खरीद को लेकर सरकार की अपीलों के बाद बाजारों में गिरावट हुई है। छोटे व मध्यम व्यापारी हर दिन प्रतिष्ठान खोलने के बावजूद कम बिक्री होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
ज्ञापन में सरकार से गोल्ड आयात प्रबंधन को लेकर संतुलित नीति अपनाने की मांग की गई। व्यापारियों ने छोटे व्यापारियों व कारीगरों की आजीविका सुरक्षा देने का आग्रह किया। उन्होंने पुराने सोने के विनिमय पर जीएसटी व पूंजीगत लाभ कर में राहत की भी मांग की। पुराने सोने के वैध लेन-देन के लिए स्पष्ट व पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। संगठन ने उत्तर प्रदेश में साहूकारी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष ब्रजेश सोनी, महामंत्री धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष मोनू रस्तोगी, दीपू रस्तोगी, राज कुमार रस्तोगी, अमित रस्तोगी समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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संगठन अध्यक्ष कुलदीप पप्पन रस्तोगी ने कहा कि भारत का सर्राफा व ज्वेलरी उद्योग केवल व्यापार नहीं है। यह देश की पारंपरिक कौशल विरासत है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था व करोड़ों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उद्योग से करीब 3.5 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि सोने के आभूषणों की खरीद को लेकर सरकार की अपीलों के बाद बाजारों में गिरावट हुई है। छोटे व मध्यम व्यापारी हर दिन प्रतिष्ठान खोलने के बावजूद कम बिक्री होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
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ज्ञापन में सरकार से गोल्ड आयात प्रबंधन को लेकर संतुलित नीति अपनाने की मांग की गई। व्यापारियों ने छोटे व्यापारियों व कारीगरों की आजीविका सुरक्षा देने का आग्रह किया। उन्होंने पुराने सोने के विनिमय पर जीएसटी व पूंजीगत लाभ कर में राहत की भी मांग की। पुराने सोने के वैध लेन-देन के लिए स्पष्ट व पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। संगठन ने उत्तर प्रदेश में साहूकारी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष ब्रजेश सोनी, महामंत्री धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष मोनू रस्तोगी, दीपू रस्तोगी, राज कुमार रस्तोगी, अमित रस्तोगी समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।