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बोरिंग फेल तो क हीं पाइप नहीं बिछाया, साफ पानी घरों तक पहुंच नहीं पाया

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 11:57 PM IST
If the boring fails, the pipe was not laid, the clean water could not reach the houses.
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औड़िहार। सैदपुर क्षेत्र में करोड़ों की लागत से बने छह पेयजल ग्राम समूह योजनाएं ग्रामीणों के लिए बेकार साबित हो रही है। बरसों से शोपीस बनकर रह गई इस योजना के तहत स्थापित पानी की बड़ी टंकियां कहीं बोरिंग फेल तो कहीं गांव में कनेक्शन के लिए पाइपलाइन न बिछाए जाने के कारण बेकार पड़ी हुई हैं। ग्रामीणों को बरसों से शोपीस बनी हुई इन पानी की टंकियों का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। लंबे समय से साफ पानी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को शासन द्वारा बनाई गई जिन पेयजल योजनाओं का लाभ कब मिलेगा यह सवाल क्षेत्र का हर नागरिक एक दूसरे से पूछता फिर रहा है।

इन योजनाओं में सबसे खराब हालत सैदपुर ब्लॉक मुख्यालय से लगे सटे गांव रस्तीपुर -मलिकपुर पेयजल समूह योजना और गैबीपुर पेयजल समूह योजना का है जिसका लाभ आज तक ग्रामीणों को नहीं मिल सका है। वर्ष 2000 के दशक में यहां स्थापित खानपुर -बहेरी ,गौरी -गोरखा पेयजल समूह योजना किसी तरह संचालित है, तो सिधौना- रामपुर पेयजल योजना भी पूरी तरह कारगर नहीं है। जबकि रस्तीपुर मलिकपुर एवं औड़िहार गैबीपुर पेयजल योजना का लाभ ग्रामीणों को कतई नहीं मिल रहा है। जबकि रस्तीपुर पेयजल योजना में बिशुनपुर मथुरा रमईपुर जहान देहरा कला बहरा खुर्द भद्रसेन हसनपुर भटौली समय समेत 8 ग्राम शामिल है इसी तरह गैबीपुर पेयजल समूह योजना में सेहमलपुर, चकिया, नेवादा महमूदपुर आदि गांव शामिल है।

सैदपुर तहसील क्षेत्र में पानी में घुलनशील आर्सेनिक की मात्रा मानक से काफी अधिक है। इसके चलते हैंडपंपों एवं अन्य साधनों का पानी पीने योग्य नहीं है। आर्सेनिक युक्त पानी पीने से तरह-तरह के रोगों के बढ़ने के कारण इलाके के लोगों का झुकाव नलकूप की बोरिंग से सप्लाई होने वाले पेयजल की ओर हो गया है। ऐसे में पेयजल समूह योजना से जुड़े गांव के लोग प्रदेश शासन से पीने के शुद्ध पानी के लिए एक बार पुन:जल संयोजन की मांग कर रहे हैं।
यहां के लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से पूर्वांचल विकास निधि राज्यांश से उत्तर प्रदेश के तत्कालीन पंचायती राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ महेंद्र नाथ पांडे के प्रयास से क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक पेयजल योजनाएं एक साथ मंजूर कराई गई। सभी योजनाओं को पूरा कराने के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि निर्गत हुई। साल भर के अंतराल में योजनाएं तैयार करा ली गई किंतु पाइप बिछाकर छोड़ दिया गया तो कहीं मुख्य पाइप से गांव के लिए जल संयोजन की व्यवस्था ही नहीं कराई जा सकी। विभागीय अधिकारियों की माने तो ग्रामीणों ने जलकर से बचने के लिए जल संयोजन के लिए आवेदन ही नहीं किया जिसके चलते अधिकांश स्थानों पर स्थापित पेयजल समूह योजना के अंतर्गत लगाए गए नलकूपों के संचालन के लिए ऑपरेटर ही नहीं रखे गए। कुछ स्थानों पर सड़कों के मरम्मत और खुदाई के बाद डाली गई पाइप लाइनें भी टूट फूट कर रह गई और उनका जीर्णोद्धार नहीं कराया जा सका। ऐसे में सैदपुर की अधिकांश पेयजल समूह योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं।।
समस्या की जानकारी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता से वार्ता कर बंद पड़ी पेयजल समूह योजनाओं को संचालित कराने की दिशा में प्रयास होगा। -दिनेश कुमार मौर्य,खंड विकास अधिकारी सैदपुर।

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