लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur ›   Delay in making cards, fraudsters cut the cream

Ayushman Bharat Yojna: गोल्डेन कार्ड बनाने में ढिलाई, जालसाजों ने काटी मलाई

चंद्रमणि मिश्र राजन, अमर उजाला, गोंडा Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 10 Aug 2022 06:46 PM IST
सार

गोंडा जिले में 12,34,880 पात्रों के सापेक्ष 9,21,950 के गोल्डेन कार्ड नहीं बन सके हैं। पात्रों के कार्ड बनाने में गोंडा जिला फिसड्डी है। जिले का प्रदेश में 41वां स्थान है।

गोंडा के छपिया में गोल्डन कार्ड बनाता आरोग्यमित्र।
गोंडा के छपिया में गोल्डन कार्ड बनाता आरोग्यमित्र। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना में सेंधमारी कर फर्जी गोल्डन कार्ड बनाने का खेल ऐसे ही नहीं हुआ है। जालसाजों की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ी वजह अधिक संख्या में पात्रों का गोल्डन कार्ड नहीं बनना बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग जिले में चयनित 9,21,950 पात्रों के गोल्डन कार्ड अभी तक बना नहीं सका है। इसी का फायदा उठाकर जालसाज धोखाधड़ी करके किसी पात्र के नाम व पते पर दूसरे व्यक्ति का कार्ड बनाकर इलाज कराने में कामयाब हो जाते हैं। आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत जिले के 2,76,098 परिवारों के 12,34,880 सदस्यों को सूचीबद्ध करके हर साल पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जानी थी।



स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना था, ताकि वो योजना के पैनल से संबद्ध निजी व सरकारी अस्पतालों में इलाज करा सकें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार अभियान चलाकर गोल्डन कार्ड बनाए गए मगर चार साल बीतने पर भी 9,21,950 पात्रों के गोल्डन कार्ड नहीं बन सके। इसके चलते गोल्डन कार्ड बनाने के मामले में गोंडा जिले को प्रदेश में 41वां स्थान प्राप्त हुआ है।


पात्रों का गोल्डन कार्ड नहीं बनने का फायदा उठाकर जालसाजों ने उन्हीं के नाम-पते पर अपात्रों का फर्जी कार्ड बनवाकर लाखों रुपये का मुफ्त इलाज कराकर इसके बदले में मोटी रकम वसूल ली।

जिले के प्रत्येक गांव के कुल पात्रों में कितनों के गोल्डन कार्ड बने व कितनों के नहीं, जालसाज ऑनलाइन इसका विवरण देखते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति अस्पताल में इलाज के लिए आता है तो अस्पताल में बैठे जालसाजों के एजेंट तुरंत उन्हें सूचना दे देते हैं।

मरीज का मोबाइल नंबर भी जालसाजों को उपलब्ध करा देते हैं। फिर जालसाज मरीज को मुफ्त इलाज कराने का तरीका बताकर उनसे सौदा करते हैं। अधिकांश सौदा आधे-आधे का होता है। इलाज में खर्च की जितनी बिलिंग होती है, उसका आधा जालसाजों को देना पड़ता है।

पात्रता सूची में चयनित लोगों का ही गोल्डन कार्ड बन सकता है। ऐसे में फर्जी कार्ड बनाने से पहले जालसाज संबंधित अपात्र के गांव में उसी के नाम के किसी चयनित पात्र को ऑनलाइन खोजते हैं। चूंकि गांवों में अक्सर एक नाम के कई लोग होते हैं, ऐसे में जालसाज इसका फायदा उठाकर चयनित पात्र के नाम पर उसी नाम के अपात्र का गोल्डन कार्ड बना देते हैं। चूंकि सत्यापन के लिए राशन कार्ड का प्रयोग होता है।

इसके चलते जालसाज संबंधित पात्र का ही ऑनलाइन राशन कार्ड भी निकाल लेते हैं। फिर वही राशन कार्ड व फर्जी गोल्डन कार्ड दिखाकर अपात्र व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करा देते हैं। अपात्र का इलाज कराकर उससे आधी रकम वसूलने वाले जालसाज संबंधित अस्पताल के स्टाफ को भी कुछ रकम देते हैं। इस तरह पूरा खेल हो जाता है और उस पात्र को भनक तक नहीं लगती जिसके नाम से गोल्डन कार्ड बनवाकर इलाज करा लिया जाता है।

आयुष्मान योजना के तहत जिले के 27,075 लोगों ने 18 करोड़ 31 लाख रुपये का इलाज कराया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इनमें से करीब एक हजार लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्हें पता ही नहीं कि वे कब बीमार हुए हैं। जबकि उनके नाम से इलाज कराया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि उन पात्र लाभार्थियों के नाम पर जालसाजों ने अपात्रों का इलाज कराकर योजना में सेंधमारी की है। गोल्डन कार्ड में जालसाजी के कई मामले पकड़ में भी आए लेकिन विभागीय अधिकारियों व अस्पताल संचालकों की मिलीभगत के चलते इन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि गोल्डन कार्ड में फर्जीवाड़े की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि ऐसे फर्जीवाड़ा हुआ है तो इसके जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी धन का दुुरुपयोग करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00