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सरयू ने तरेरी आंखें, तटबंध पर खतरा बढ़ा

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:33 PM IST
फोटो- 17- गोंडा के करनैलगंज में एलगिन- चरसडी तटबंध के पास से गुजरती नदी। संवाद
फोटो- 17- गोंडा के करनैलगंज में एलगिन- चरसडी तटबंध के पास से गुजरती नदी। संवाद - फोटो : GONDA
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करनैलगंज (गोंडा)। बैराजों से पानी छोड़े जाने और बारिश से सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। खतरे के निशान को पार कर नदी चेतावनी बिंदु से करीब 14 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही डिस्चार्ज बढ़ा है। मांझा क्षेत्र के गांवों से ग्रामीणों का पलायन भी तेज हो गया है। ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर लेकर गांव से निकलने लगे हैं। नदी बाढ़ से बचाव के लिए बने एलगिन- चरसड़ी तटबंध के बचाव स्थलों से सटकर बह रही है। ऐसे में तटबंध पर खतरा बढ़ गया है। बांध के पास के गांवों के लोगों को खतरा महसूस होने लगा है, बांध की सुरक्षा के साथ ही राहत और बचाव के लिए व्यवस्थाओं को सतर्क किया गया है।

करनैलगंज क्षेत्र में सरयू नदी का पानी एक बार फिर लाल निशान के काफी ऊपर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर शनिवार को पांच सेमी ऊपर था, वहीं रविवार को 14 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। तेजी से बढ़ता पानी देख तराई इलाके में हड़कंप मच गया है। घाघरा (सरयू) नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से ऊपर 106.276 पर बह रहा है। जिस तरह से नदी का पानी बढ़ रहा है, इसको देख लोगों का कहना है कि नदी ने एक बार फिर से तेवर दिखाना शुरू कर दिया हैं।

नदी का पानी खतरे का निशान पार कर चुका है। तब खतरे का निशान पार करने के बाद पानी स्थिर हो गया था। मगर इस बार पानी स्थिर नहीं हुआ, बल्कि बढ़ता ही जा रहा है। जिससे यहां के ग्रामीणों में दहशत है। यदि कहीं नेपाल से और पानी छोड़ दिया जाता है तो फिर नदी अपना विकराल रुप दिखाना शुरू कर देगी और नेपाल का ये पानी तराई में तबाही मचा सकता है। रविवार को घाघरा नदी में 3 लाख 17 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसमें गिरिजा बैराज से एक लाख 55 हजार 103 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1 लाख 60 हजार 996 क्यूसेक व सरयू बैराज से 1236 क्यूसेक डिस्चार्ज हुआ है।
बाढ़ खंड के अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से बांध को कहीं भी कोई खतरा नहीं है। एल्गिन-चरसड़ी बांध को लेकर जो खतरा बना हुआ था वह इस समय कम हो गया है। नदी का पानी बढ़ता है तो कटान नहीं होती है। जलस्तर घटते समय स्थितियां विपरीत हो सकती हैं। कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं नदी के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। दूसरी तरफ बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को किया अलर्ट कर दिया गया है।
चौकियों को मुस्तैद रहने को कहा
उपजिलाधिकारी हीरालाल ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने को कहा गया है। नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। रविवार को भी बांध व पूर्व में बाढ़ क्षेत्र रहे गांवों का निरीक्षण किया गया है।
तरबगंज में बाढ़ जैसी स्थिति, बेकाबू हो रही नदी
नवाबगंज (गोंडा)। क्षेत्र में कई दिनों से हो रही बरसात तथा नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी की वजह से सरयू नदी का जल स्तर कई दिनों से उतार चढ़ाव के बाद अब खतरे के निशान के समीप पहुंच गया है। नदी का जलस्तर ऐसी ही बढ़ता रहा तो सोमवार सुबह तक लाल निशान को पार कर जाएगी। नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से माझा वासी भी सकते में आ गए हैं। नदी का पानी अब धीरे-धीरे खेतों में फैलने लगा है। जिससे किसानों की फसलें जलमग्न हो रही है।
रविवार सुबह सरयू नदी की जल स्तर 92.610 रिकार्ड किया गया, जोकि लाल निशान 92.730 से महज 12 सेमी दूर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना से हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र के दत्तनगर, साखीपुर, गोकुला, माझा राठ, जैतपुर, दुर्गागंज माझा में पानी का भराव धीरे-धीरे होने लगा है। जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। एसडीएम शत्रोहन पाठक ने बताया कि राहत और बचाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। (संवाद)

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