तीन शस्त्र रखने वालों को एक जमा करना पड़ेगा

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:54 PM IST
hamirpur,licence,aslaha
विज्ञापन
ख़बर सुनें
हमीरपुर। जिले में असलहों के शौकीनों की कोई कमी नहीं है। असरदार लोगों ने तो एक से अधिक यानी तीन-तीन लाइसेंस लिए हैं। ऐसे लोग अपनी खुद की सुरक्षा के लिए राइफल, रिवाल्वर व दोनाली बंदूक रखे रहे। अपना रुतबा रखने के लिए शहर से गांवों तक खुद के लाइसेंस निजी सुरक्षा कर्मियों को देकर घूमते देखे गए हैं। वहीं शादी समारोहों में असलहों के साथ जाने का चलन बढ़ा तो तमाम घटनाएं हुईं। इसी को देखते प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाई तो लोग कार्रवाई के भय से असलहा लेकर कार्यक्रमों में शामिल होने से कतराने लगे।
विज्ञापन

इधर शासन की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब एक व्यक्ति केवल दो असलहे ही रख सकता है। नवंबर 2020 में जारी शासनादेश के बाद ऐसे लाइसेंस धारक जिनके पास दो से अधिक असलहे हैं वह 13 दिसंबर 2021 तक अपने लाइसेंस या तो जमा करें, या फिर बेच दें, अथवा फिर किसी परिवार के दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरण करें। अन्यथा शासन असलहा निरस्त कर देगा। इस आदेश के बाद जिले में तीन शस्त्र लाइसेंस रखने वाले कुल 41 लोगों ने लाइसेंस जमा कर दिए हैं। मौजूदा में करीब 10 हजार लाइसेंस धारक हैं। इनमें साढ़े तीन सौ महिला शस्त्र धारक भी शामिल हैं। जिनमें दो से अधिक असलहे रखने वाले कुल 41 लोगों के पास रिवाल्वर, राइफल व दोनाली बंदूक हैं।

3500 दोनाली तो 2500 राइफलें
शासनादेश आते ही शस्त्र विभाग ने लाइसेंस जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिसमें विभाग ने जमा कराने की अंतिम तिथि 13 दिसंबर 2021 से पहले प्रक्रिया पूरी कर ली है। जनपद में करीब 10 हजार शस्त्र धारकों में करीब 2500 राइफल, 1500 रिवाल्वर, 3500 दोनाली बंदूक व 2500 एकनाली बंदूकें हैं। इनमें 41 शस्त्र धारकों के पास दो से अधिक असलहे होने पर एक-एक शस्त्र जाम करा लिए हैं।
350 महिलाओं के पास शस्त्र लाइसेंस
जनपद में असलहे रखने का शौक महिलाओं में भी देखने को मिल रहा है। पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं भी शस्त्र लाइसेंस बनवाने के आवेदन बढ़ चढ़कर कर रही हैं। देखा जाए तो जिले में ऐसी लगभग 350 महिला शस्त्र धारक हैं। जिनके पास राइफल, रिवाल्वर सहित अन्य असलहे हैं।
वरासत की 325 फाइलें लटकी
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक नए असलहे बनाकर देने की कवायद कई वर्षों से धीमी गति से चल रही है। वहीं वरासत के करीब 325 आवेदन लंबित पड़े हैं। ऐसे में आवेदक आफिसों के चक्कर लगा लगाकर थक गए हैं। सूत्रों की मानें तो अब असलहे बनवाने की प्रक्रिया बहुत जटिल हो गई है। वहीं उन लोगों के शस्त्र बन पाते हैं। जो लोग लंबी पहुंच रखते हैं।
जनपद में करीब 10 हजार शस्त्र धारक हैं। जिनमें 41 शस्त्र धारकों के पास तीन से अधिक शस्त्र लाइसेंस होने पर शासन के आदेश पर एक-एक असलहे जमा करा लिए गए हैं। कहा 13 दिसंबर 2021 तक का समय शासन स्तर से निर्धारित है। लेकिन विभाग ने समय से पहले सभी शस्त्र जमा करा लिए हैं। इसे वह चाहे बेचे या किसी अन्य के नाम करा दें। - विनय प्रकाश श्रीवास्तव, एडीएम

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00