स्वरोजगार के लिए मिलीं दुकानें आवंटियों ने किराए पर उठाईं

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 11:03 PM IST
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हरदोई। आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति के लोगों को मजबूत बनाने और स्वरोजगार के उद्देश्य से स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत दुकानें आवंटित की गईं। लेकिन आवंटियों ने नियम कानून को धता बताकर इन दुकानों को ही किराये पर उठा दिया। इतना ही नहीं कुछ दुकानें तो बंद भी हो गईं। सीडीओ के निर्देश पर कराए गए सत्यापन में इसका पता चलने पर विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम ने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत अनुसूचित जाति के लोगों को दुकानों का आवंटन किया था। इन दुकानों का सत्यापन कराने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने बीते दिनों जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) श्रद्धा पांडेय को दिए थे। इस पर समाज कल्याण विभाग के सहायक विकास अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों से सत्यापन कराया गया तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। अधिकांश दुकानें किराये पर दी गईं हैं तो कई दुकानें बंद भी मिलीं।

और ढूंढे नहीं मिला आवंटी
सांडी में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत छह लोगों को दुकानें आवंटित की गईं थीं। इनमें तीन लोग अपनी दुकानों को चला रहे हैं, जबकि एक ने दुकान को किराये पर दे दिया है। एक दुकान बंद मिली तो एक आवंटी के बारे में कोई पता ही नहीं चला।
बघौली में 15 में 11 दुकानें किराये पर
बघौली में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत 15 दुकानें बनीं हुईं हैं। इन दुकानों में शीशराम, शिवकुमार, वंशीलाल, रामकुमार, अमर सिंह, गुड्डू वर्मा, जसकरन, विटाना देवी, आत्माराम, भगवानदीन और मुरली को आवंटित दुकानें किराये पर उठीं मिलीं। अखिलेश की दुकान बंद मिली।
अहिरोरी में दोबारा कराया निर्माण
अहिरोरी में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत 10 दुकानें बनवाईं गईं थीं। इनमें से अविनाश कुमार, अवधेश कुमार, श्रवण कुमार, रामशंकर, राकेश और नरेश ने दुकानों को तोड़कर नया निर्माण करा लिया। इनमें अविनाश और अवधेश की दुकानें बंद हैं, जबकि बाकी ने दुकानें किराये पर उठा दीं। कुल 10 दुकानों में से आठ दुकानें किराये पर उठा दी गईं, जबकि दो दुकानें बंद हैं।
बम्हनाखेड़ा की तस्वीर भी अलग नहीं
स्पेशल कंपोनेंट प्लान में अहिरोरी विकास खंड के बम्हनाखेड़ा में भी पांच दुकानों का निर्माण कराने के बाद इनका आवंटन किया गया था। सत्यापन रिपोर्ट में यहां भी चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। पांच में से चार आवंटियों ने दुकानें किराये पर उठा रखीं हैं, जबकि एक दुकान सत्यापन करने गए अधिकारियों को बंद मिलीं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) श्रद्धा पांडेय ने बताया कि स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत जिन लोगों को दुकानें आवंटित की गईं थीं, उनका सत्यापन कराया गया है। सत्यापन में बड़ी संख्या में आवंटियों द्वारा दुकानें किराये पर दिए जाने की पुष्टि हुई है। इन आवंटियों को नोटिस जारी की जा रही है। नोटिस का जवाब मिलने पर उच्चाधिकारियों को अवगत करा कार्रवाई की जाएगी।

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