दरकार 43 हजार बोरी की, डीएपी मिली मात्र 71 सौ बोरी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 11:15 PM IST
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हरपालपुर। रबी की बुवाई का समय है। किसानों को बीज के साथ डीएपी खाद की दरकार है, लेकिन उन्हें भटकना पड़ रहा है। क्षेत्र में चार सहकारी समितियों के केंद्र/गोदाम हैं, लेकिन कहीं भी खाद उपलब्ध नहीं है। कुछ-कुछ दिन के अंतराल पर नाम मात्र की खाद आती है तो वह दिन भर में बंट जाती है। किसानों का कहना है कि केंद्रों पर खाद ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है।
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धान की कटाई के साथ ही गेहूं व अन्य फसलों की बुवाई शुरू हो गई है। खेत तैयार करने के साथ ही किसानों ने बुवाई के लिए अन्य औपचारिकताएं भी पूरी कर ली हैं, लेकिन उन्हें डीएपी नहीं मिल पा रही है। डीएपी पाने के लिए किसानों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में लगभग 21,966 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी की फसल बोई जानी है। इतने रकबे की बुवाई के लिए क्षेत्र के किसानों को लगभग 43,900 बोरी डीएपी की आवश्यकता है। लेकिन चारों केंद्रों पर अब तक मात्र 7100 बोरी डीएपी खाद ही उपलब्ध कराई जा सकी है, इसलिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

महंगी दरों पर खरीद मजबूरी
किसानों का कहना है कि क्षेत्र के चार वितरण केंद्रों पर खाद नहीं है। उन्हें रोज केंद्रों से निराश होकर लौटना पड़ता है। किसान राजेश, हरिमोहन, दृगपाल, विमलेश, राजाराम व नन्हें आदि ने बताया कि डीएपी के बिना फसलों का जमाव अपेक्षित नहीं होता है। इसलिए डीएपी सबसे जरूरी है। बताया कि केंद्रों पर कई बार चक्कर लगाने व धक्कामुक्की के बाद किसानों को एक या दो बोरी खाद ही मिल पा रही है। जबकि बड़े रकबे वाले किसानों के लिए यह काफी कम है। बताया कि केंद्रों पर खाद न मिलने की स्थिति में किसान मजबूरी में प्राइवेट दुकानों महंगी दरों पर डीएपी खाद खरीदने को मजबूर हैं। किसानों ने बताया कि महंगी खाद खरीदने पर उपज पर लागत अधिक आ रही है।
अब तक उपलब्ध हुई खाद
साधन सहकारी समिति हरपालपुर से अब तक मात्र 2020 बोरी डीएपी खाद का वितरण किया गया है। समिति के सचिव प्रभात कटियार ने बताया कि शुक्रवार को फिर 400 बोरी की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है। पलिया वितरण केंद्र पर समिति की ओर से 1855 बोरी व दहेलिया समिति की ओर से 1460 बोरी डीएपी का वितरण किया जा चुका है। समिति के सचिव हरिमोहन सिंह ने बताया कि जिस मात्रा में डिमांड है, उतनी खाद नहीं मिल पा रही है। पीसीएफ वितरण केंद्र ककरा के प्रभारी भूप सिंह ने बताया कि उन्हें अब तक 1800 बोरी खाद मिली है। शुक्रवार को फिर 500 बोरी खाद की डिमांड भेजी गई है।
मल्लावां में स्टॉक निल
संडीला/मल्लावां/बेनीगंज। संडीला कस्बे में बांगरमऊ रोड पर स्थित केंद्र पर 877 बोरी खाद उपलब्ध है। शुक्रवार को किसानों को खाद का वितरण किया गया। केंद्र प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि गुरुवार को भी खाद वितरित की गई थी। वहीं एफसीआई गोदाम प्रभारी मल्लावां रजनी देवी ने बताया कि अब तक 1950 बोरी खाद मिली थी, जिसका वितरण किया जा चुका है। स्टॉक निल है, डिमांड भेजी गई है। उधर एफसीआई अहिरावां गोदाम प्रभारी विमल सिंह ने बताया कि अब तक 330 बोरी डीएपी मिली है। जिसमें से 130 बोरी का वितरण किया जा चुका है। 200 बोरी स्टॉक में हैं, जिसका वितरण किया जा रहा है।
मजदूर यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
हरदोई। किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने की मांग भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी ने की है। सिटी मजिस्ट्रेट सदानंद गुप्ता को दिए गए ज्ञापन में जिलाध्यक्ष पुनीत मिश्रा ने बताया कि खरीफ के तहत आने वाली फसलों की कटाई के समय हुई बारिश के बाद किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। इधर रबी की फसलों की बुवाई की शुरुआत हो रही है। किसानों को डीएपी की आवश्यकता है, लेकिन उन्हें कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। इस मौके पर पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। (संवाद)

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