कानपुर: डेढ़ करोड़ के लिए छात्र का अपहरण, चंद घंटों में सुराग लगाते हुए अपहर्ता तक पहुंची पुलिस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 23 Oct 2021 12:44 PM IST

सार

कानपुर पुलिस का सराहनीय कार्य सामने आया है। कानपुर पुलिस ने छात्र के अपहरण के बाद चंद घंटों में ही उसे अपहर्ता के चंगुल से मुक्त करा लिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सचेंडी से 15 वर्षीय छात्र का अपहरण हुआ तो कानपुर पुलिस भी चंद घंटों में सुराग लगाते हुए अपहर्ता तक पहुंच गई। एक छोटी सी जानकारी के आधार पर पुलिस ने देर शाम बांदा में छात्र को अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त करा लिया।
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पुलिस की पूछताछ में डेढ़ करोड़ की फिरौती के लिए रिश्तेदारों द्वारा अपहरण की बात सामने आई है। पुलिस आयुक्त ने पर्दाफाश करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। सचेंडी थाना क्षेत्र में कला का पुरवा निवासी किसान दीपेंद्र सिंह का 15 वर्षीय बेटा वैभव सिंह चंदेल शुक्रवार शाम सुंदर नगर में ट्यूशन पढ़ने आया था।


शाम को जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिवार वाले रात भर उसे तलाशते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला। सुबह होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की तो सुबह करीब 7 बजे पुलिस को अपहृत वैभव की साइकिल पनकी क्षेत्र में एक गुमटी के बाहर खड़ी मिली।

इसके बाद पुलिस ने गुमटी वाले से संपर्क किया करीब 9 बजे गुमटी वाला दुकान खोलने आया तो उसने बताया कि एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार से कुछ लोग आए थे उनमें से ही एक ने यहां साइकिल खड़ी कर दी थी। बताया कि वह कुछ देर में लौट कर आ रहा है।

बाद में साइकिल ले जाएगा गुमटी वाले को कुछ शक हुआ तो उसने स्कॉर्पियो का नंबर नोट कर लिया। पुलिस के लिए यह सूचना पर्याप्त थी। आनन-फानन गाड़ी मालिक का पता लगाया गया तो सामने आया कि यह गाड़ी दीपेंद्र सिंह के ही एक रिश्तेदार के नाम से पंजीकृत है।

इसके बाद पुलिस ने दीपेंद्र के परिवार वालों की मदद से उक्त रिश्तेदार के मोबाइल नंबरों को जब सर्विलांस पर डाला गया तो सामने आया कि अपहृत वैभव और रिश्तेदारों के मोबाइल की लोकेशन एक ही दिशा में जा रही है। पुलिस को वैभव की लोकेशन बांदा के आसपास मिली। क्राइम ब्रांच बांदा के लिए रवाना की गई। शाम करीब 7 बजे कमिश्नरेट पुलिस ने बांदा में छापा मारकर वैभव को मुक्त करा लिया।
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