Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur ›   Three including farmer died due to cold

ठंड से किसान समेत तीन की मौत

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jan 2022 12:48 AM IST
Three including farmer died due to cold
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कानपुर देहात। शीत लहर का प्रकोप जारी है। बर्फीली हवाएं चलने से ठंड कम नहीं हो रही है। सोमवार दोपहर में निकली धूप बेअसर रही। सुबह व शाम घना कोहरा छाया रहा। इधर, ठंड की चपेट में आकर खेत गए किसान की मौत हो गई। वहीं, शिवली के बैरी गांव व मीनापुर में वृद्ध की जान चली गई।
विज्ञापन

शिवली प्रतिनिधि के अनुसार, बैरी के सुरेंद्र कुमार (65) को सर्दी लग गई थी। कई दिन से उनकी तबीयत खराब थी। पूर्व प्रधान रामजी मिश्र ने बताया कि सर्दी लगने से सोमवार को सुरेंद्र की मौत हो गई। इधर, बरौर के मीनापुर गांव में समाचार पत्र एजेंट उमेश कुमार के पिता रघुनाथ प्रसाद (82) की ठंड लगने से रविवार रात तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे इसी बीच उनकी मौत हो गई। वहीं, सिकंदरा के मनसापुर तुतुआपुर में ओमप्रकाश (62) छुट्टा गोवंश से फसलों की रखवाली के लिए रविवार शाम खेतों पर गए थे। वहां सर्दी लगने पर सीने में दर्द होने लगा। घर लौटकर उन्होंने परिजनों को बताया। पुत्र पिंटू उन्हें सीएचसी ले जाने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच उनकी मौत हो गई।

उधर, सोमवार सुबह कोहरा छाया रहा। उत्तर पश्चिमी हवाएं तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। इसकी वजह से गलन रही। हालांकि जल्द ही कोहरा छंट गया और हल्की धूप निकल गई। इससे दो दिन से बदली व कोहरे की चादर छायी रहने से परेशान लोगों को राहत हुई। लेकिन धूप हल्की होने से बेअसर रही। महिलाओं ने बिस्तर, कंबल व रजाई आदि धूप में डाले। बुजुर्ग धूप में बैठे दिखे। इधर, शाम होते ही ठंड बढ़ गई। इसपर लोग अलाव तापते नजर आए। बुजुर्गों के लिए घरों में भी अलाव जलाए गए।
सीएसए के मौसम वैज्ञानिक एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम है। तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश के आसार हैं। इस सप्ताह शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा।
मौसम खुलने पर गिरेगा पाला
कृषि वैज्ञानिक अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार को हल्की धूप निकली। मौसम वैज्ञानिकों ने 24 जनवरी तक बादल रहने और बारिश की संभावना जताई थी। अब मौसम खुलने पर पाला गिरने के आसार हैं। इससे आलू व सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। किसान खेत के किनारे धुआं कर सकते है। आलू को झुलसा रोग लगने से बचाने के लिए फफूंदी नाशक का छिड़काव किया जा सकता है। यह छिड़काव मौसम खुलने पर ही करना ठीक रहेगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00