इस बार फिर सजेंगे दुर्गा पंडाल, मूर्तिकारों को बंधी आस

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 12:59 AM IST
मां दुर्गा की मूर्ति में रंग भरता कारीगर
मां दुर्गा की मूर्ति में रंग भरता कारीगर - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
ख़बर सुनें
ललितपुर। कोविड काल के दौरान पिछली वर्ष सार्वजनिक रूप से देवी पंडालों को सजाने की अनुमति नहीं दी गई थी लेकिन इस बार कोरोना में कुछ राहत होने के चलते प्रदेश सरकार द्वारा दुर्गा पंडालों में कोविड नियमों का पालन (सशर्त) करते हुए देवी मूर्तियां रखने के आदेश जारी कर दिए। इससे जहां श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है, वहीं मूर्तिकारों में रोजगार की आस जाग गई है, वह मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
विज्ञापन

शहर में नवदुर्गा महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसके लिए दुर्गा पंडाल समितियों द्वारा शहर में 300 से अधिक दुर्गा पंडाल सजाकर देवी की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इतने ही दुर्गा पंडाल सजते हैं, लेकिन बीते वर्ष कोविड काल के दौरान शासन द्वारा सार्वजनिक रूप से देवी पंडालों के सजाने व मूर्तियों की स्थापना पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि कोविड काल के चलते लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था, लेकिन मूर्तिकारों के सामने बेरोजगारी का संकट भी उत्पन्न हो गया था और उन्हें वर्ष भर बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ा।

इस बार प्रदेश सरकार ने कोरोना के मामले कम होने के चलते नवदुर्गा महोत्सव में फिर से नवरात्र में दुर्गा पंडालों में देवी मूर्तियों की स्थापना के आदेश शर्तों के साथ जारी कर दिए, जिससे नवदुर्गा समितियों के साथ ही मूर्तिकारों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला और उनमें फिर से मूर्तियों की बिक्री की आस जाग गई है। मूर्तिकारों ने देवी मूर्तियों को अंतिम रूप देना भी शुरू कर दिया है। कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा मोहल्ला चौबयाना में मूर्तियां बनाई जा रही हैं, जो दो फुट से लेकर साढ़े छह फुट तक की बनाई गई हैं। इनके रंगरोगन की तैयारियां भी अब शुरू कर दी है।
ललितपुर में हमारे पिता करीब 42 साल से देवी मूर्तियों को बनाने का काम कर रहे हैं। करीब दस साल से मैं भी अब मूर्तियां बना रहा हूं। पिछले वर्ष कोरोना काल में कोई भी मूर्ति नहीं बिकी थी, जिसके चलते उसके साथ करीब 13 लोगों को बेरोजगारी में परेशान होना पड़ा था। इस बार दुर्गा पंडाल की अनुमति मिलने से रोजगार का संकट नहीं रहेगा। लेकिन इस बार 250 की जगह मात्र 160-165 मूर्तियां ही बनाई हैं। मूर्ति बनाने वाले आठ मजदूर ही आए हैं।
-अमित पाल, मूर्तिकार, कोलकाता
रामलीला मंचन पर कल होगा निर्णय, समिति ने बुलाई बैठक
ललितपुर। प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुसार रामलीला मंचन के लिए कोविड शर्तों के साथ प्रशासन से अनुमति लेकर रामलीला का आयोजन हो सकेगा लेकिन इसमें शर्तें आड़े आ रही है। इसके चलते शहर में तालाबपुरा श्रीनृसिंह मंदिर प्रांगण में रामलीला मंचन का आयोजन को लेकर असमंजस बना हुआ है। समिति द्वारा बुधवार को समिति के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें रामलीला मंचन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में कोविड शर्तों के अनुसार रामलीला मंचन के दौरान सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति मिल सकेगी, जबकि कोविड के अन्य नियमों दूरी व मास्क का पालन भी करना होगा। समिति के अध्यक्ष नरेंद्र कड़ंकी ने बताया कि अभी समिति द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है और इसके लिए बुधवार को समिति की बैठक में रामलीला मंचन पर निर्णय लिया जाएगा। ब्यूरो

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00