वन विभाग की आरक्षित भूमि की भी कर दी गई चकबंदी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 12:26 AM IST
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कुलपहाड़ (महोबा)। कुलपहाड़ में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में कई स्तरों पर चकबंदी कर्मचारियों के द्वारा न सिर्फ गाटा संख्या की अदला बदली की गई बल्कि सरकारी आरक्षित वन भूमि में हेरफेर किया गया।
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कुलपहाड़ मौजे में विगत 20 वर्ष पूर्व प्रारंभ की गई चकबंदी प्रक्रिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन आज तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। चकबंदी अधिकारियों के द्वारा किसानों के साथ साथ भू माफिया के साथ साठगांठ कर लिया। आरटीआई एक्टिविस्ट शिवनरायन अग्रवाल का कहना है कि आरक्षित वन विभाग की भूमि को अवैध तरीके से चकबंदी विभाग द्वारा चक काट दिए गए और वन भूमि सीमा का परिवर्तन किया गया।

वन रेंजर अधिकारी अजनर सीबी सिंह का कहना है कि भारतीय वन भूमि अधिनियम 1972 के तहत वन भूमि में आरक्षित वन भूमि घोषित होने पर कोई चकबंदी प्रक्रिया लागू नहीं होती है वही वन भूमि में जिन किसानों को चक आवंटित किए गए हैं उनको कब्जा नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण उन्होंने अपने मूल गाटा संख्या पर कब्जा नहीं छोड़ा है जिसके कारण विवाद की स्थिति बन रही है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी महोबा से की गई इसके लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी को जांच कर आख्या देने का आदेश दिया है।

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