प्रशानिक लापरवाही से जनपद में बेकाबू हुआ डेंगू बुखार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 08:48 PM IST
Dengue fever became uncontrollable in the district due to administrative negligence
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मथुरा। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से डेंगू और बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन लोगों की मौत हो रही है। सरकारी आंकड़ों की सुई अभी तक 20 पर अटकी हुई है, जबकि गैर सरकारी आंकड़ों के हिसाब से जनपद में डेंगू और बुखार से मरने वालों की संख्या ५० के आसपास पहुंच गई है। जनपद में हाहाकार मचा है और स्वास्थ्य विभाग को हालात दिखाई नहीं दे रहे हैं। बुधवार को जनपद के अलग-अलग ब्लॉक में डेंगू और बुखार से 6 लोगों की मौत हो गई, इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।
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कस्बा मांट में डाकबंगले के पास निवासी आयुष (9) पुत्र हरेकृष्ण अग्रवाल तीन दिनों से डेंगू से पीड़ित था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह सोमवार से बीमार था। उसे मथुरा में भर्ती कराया गया। वहां पर बुधवार को उसकी तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने जयपुर रेफर कर दिया। वहां जाते समय रास्ते में मौत हो गई। बताया जा रहा है उसकी बहन भी बीमार है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांट के चिकित्सक डॉ. विकास जैन ने बताया कि रिपोर्ट को देखा जा रहा है। महावन नगर पंचायत के पूर्व चैयरमेन टेकचंद्र कर्दम के नाती शनि (12) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार रात को उसकी तबियत और खराब हो गई। मथुरा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने डेंगू के लक्षण बताये थे। राया के गांव गंगा नगला निवासी लक्ष्मी नारायण उर्फ करूआ (40) को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। उपचार के लिए चिकित्सालय ले गए लेकिन फायदा नहीं हुआ और परिजन जयपुर ले जा रहे थे। तभी उसकी मौत हो गई।
गांव निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि गांव के बहुत लोग बुखार से पीड़ित हैं। घर घर में चारपाई बिछी है। फरह में शिवम (12) पुत्र मुकेश की डेंगू से मौत हो गई। बच्चे को 3 दिन पहले बुखार आया था। आगरा अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में बच्चे को दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली में इलाज के दौरान बुधवार सुबह बच्चे की मौत हो गई। वह दो बहनों में अकेला भाई था। 8 माह पूर्व उसकी मां की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी।
टैंटीगांव के गांव भिदौनी निवासी मीरा देवी (45)पत्नी राजू रावत को चार दिन पूर्व बुखार आया था। नजदीकी चिकित्सक के अलावा आगरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान बुधवार को मौत हो गई। वहीं, दूसरी ओर रवीना (17) पुत्री हरेश निवासी भिदौनी को चार दिन पूर्व बुखार आया था। उपचार के दौरान किशोरी की बुधवार को मौत हो गई। गांव में आये दिन हो रही मौतों से हड़कंप मचा हुआ है। बच्चा जेल में भी दो बंदी डेंगू पीड़ित मिले हैं।
जनपद में डेंगू और बुखार को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। जहां भी सूचना मिल रही है वहां टीम भेजी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक बीस लोगों की डेंगू से मौत हुई है।
डॉ. भूदेव सिंह, जिला कंट्रोल रूम प्रभारी

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