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UP: छाता के तारकोल प्लांट में भीषण आग, पानी नहीं कर पाया लपटों पर काबू: मथुरा से बुलानी पड़ी केमिकल दमकल
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 27 May 2026 01:50 PM IST
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सार
मथुरा के छाता क्षेत्र स्थित तारकोल प्लांट में टैंकर लोडिंग के दौरान भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग पर काबू पाने के लिए मथुरा से विशेष केमिकल दमकल बुलानी पड़ी, जबकि हादसे में एक केमिकल गाड़ी समेत कई उपकरण जल गए।
छाता के तारकोल प्लांट में भीषण आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित इंडियन ऑयल टोटल प्राइवेट लिमिटेड (तारकोल प्लांट) में बुधवार सुबह एक टैंकर में माल लोड करते समय अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
प्लांट में मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे मशीनों द्वारा कच्चे माल को प्रोसेस कर तारकोल बिटुमिन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान तैयार माल को एक गाड़ी (टैंकर) में लोड किया जा रहा था। तभी अत्यधिक तापमान होने की वजह से अचानक लपटें उठने लगीं। आग को बढ़ता देख फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों ने भागकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि, तारकोल की आग इतनी बेकाबू थी कि दमकल की गाड़ियों का पानी भी खत्म हो गया और आग शांत नहीं हुई। स्थिति बिगड़ती देख आनन-फानन में मथुरा से केमिकल युक्त विशेष दमकल बुलाई, दो घंटे बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
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उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता, तहसीलदार सचिन पंवार, छाता कोतवाली प्रभारी उमेश त्रिपाठी और फायर ब्रिगेड के उपनिरीक्षक आलोक सिंह प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य की निगरानी की। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कंपनी को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जिसमें गाड़ी केमिकल से भरी तीन जनरेटर और दो लिफ्ट जल गई है। आग के भुजने तक कम्पनी का कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
प्लांट में मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे मशीनों द्वारा कच्चे माल को प्रोसेस कर तारकोल बिटुमिन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान तैयार माल को एक गाड़ी (टैंकर) में लोड किया जा रहा था। तभी अत्यधिक तापमान होने की वजह से अचानक लपटें उठने लगीं। आग को बढ़ता देख फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों ने भागकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
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हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि, तारकोल की आग इतनी बेकाबू थी कि दमकल की गाड़ियों का पानी भी खत्म हो गया और आग शांत नहीं हुई। स्थिति बिगड़ती देख आनन-फानन में मथुरा से केमिकल युक्त विशेष दमकल बुलाई, दो घंटे बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
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