यूपी: अपराधियों पर शिकंजे से जमानतियों में दहशत, पुलिस के निशाने पर ये बड़े कुख्यात

गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sun, 29 Nov 2020 01:00 PM IST
एडीजी राजीव सभरवाल
एडीजी राजीव सभरवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा कसते ही इनकी जमानत देने वाले खौफ में आ गए हैं। कई जमानत देने वालों ने जमानत तुड़वाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी है तो कई लोग जमानत निरस्त कराने के लिए पुलिस से संपर्क भी कर रहे हैं। पुलिस अपराधियों और उनके परिचितों पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (ए) के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति जब्त कर रही है। 
विज्ञापन


कानपुर के विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पुलिस का फोकस जमानतियों पर है। जांच में सामने आया है कि शातिर अपराधी करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के बाद इस संपत्ति को अपने करीबियों को दे देता है, ताकि कानूनी कार्रवाई के दौरान उसकी संपत्ति सुरक्षित रहे। बार-बार एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही अपराधी की जमानत देना भी शक के दायरे में है। इसके बाद से मेरठ जोन में गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होने से अपराधियों की जमानत देने वाले लोग दहशत में हैं।


अपराधियों को बार-बार जमानत देने वाले कई लोगों ने अब कोर्ट में अर्जी लगा कर जमानत निरस्त कराने की कोर्ट से अपील की है। मुजफ्फरनगर जिले से दो लोगों की जमानत निरस्त कराने की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली। मेरठ में भूपेंद्र बाफर को तीन बार जमानत देने वाले युवक ने भी कोर्ट में अर्जी लगाई है। पुलिस का दावा है कि अपराधियों की जमानत निरस्त कराने वाले कई लोग खुद सुरक्षित और आरोप मुक्त रहने के लिए पुलिस से संपर्क कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: मेरठ: किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म, शिकायत लेकर थाने गई पीड़िता को भगाया

गुपचुप सुरक्षा भी कर रही पुलिस
जमानत निरस्त करने वाले लोगों में बदमाशों का खौफ भी है। वे डरे हुए हैं कि कहीं जमानत निरस्त कराने पर अपराधी अपने गुर्गों से कोई वारदात न करा दें। पुलिस ऐसे जमानतदारों की गुपचुप तरीके से सुरक्षा भी कर रही है। दूसरी ओर यह भी सामने आया है कि अपराधियों की जमानत के लिए गांव के पूर्व प्रधान या प्रधान पद के संभावित उम्मीदवार से संपर्क साधा जाता है। मेरठ में इसके बदले में पैसों के लेनदेने की बात भी सामने आ चुकी है।

जेल में ही रहेंगे अपराधी
मेरठ, मुजफ्फरनगर व जोन के जनपदों में कई लोगों द्वारा जमानत निरस्त कराने की अर्जी लगाई गई है, जिनकी सुनवाई होनी है। अपराधियों की जमानत लेने वाला नहीं होगा तो वे जेल में ही रहेंगे। - राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00