भाजपा के सम्मेलन में काले झंडे दिखाने पहुंचे किसान, सीओ से हुई नोकझोंक

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 01:18 AM IST
पीलीभीत पूरनपुर में भाजपा के सम्मलेन में काले झंडे दिखाने वाले किसानों से वार्ता करते सीओ पूरनप?
पीलीभीत पूरनपुर में भाजपा के सम्मलेन में काले झंडे दिखाने वाले किसानों से वार्ता करते सीओ पूरनप? - फोटो : PILIBHIT
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पूरनपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के सम्मेलन में जब अन्नदाता किसान यूनियन के कार्यकर्ता काले झंडे दिखाने के लिए पहुंचे तो हंगामा खड़ा हो गया। सम्मेलन स्थल के बाहर कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में काले झंडे लहराते हुए भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका तो नोकझोंक हुई। खींचतान भी मची। सीओ ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और कोतवाली भेज दिया। सम्मेलन के बाद कार्यकर्ताओं को शाम छह बजे छोड़ दिया गया।
विज्ञापन

पूरनपुर के एक निजी बरात घर में भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ का सम्मेलन सोमवार को दिन में तीन बजे शुरू हुआ। आधा घंटे के भीतर ही अन्नदाता किसान यूनियन के कार्यकर्ता पहुंचे। उनके हाथों में काले झंडे थे। भाजपा के कार्यकर्ता जो सम्मेलन स्थल के बाहर थे। उन्होंने अंदर अपने नेताओं को सूचना दी। वहीं पुलिस ने भी देखा कि विरोध प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ता आए हैं। इस पर पुलिस ने उन्हें समझाया और चले जाने के लिए कहा गया पर कार्यकर्ता नहीं माने। सम्मेलन स्थल पर तैनात पुलिस ने अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुंचे। सीओ ने समझाया तो भी कार्यकर्ता नहीं माने और कृषि कानून निरस्त करने की मांग करने लगे। सीओ ने उन्हें प्रदर्शन न करने के लिए कहा तो नोकझोंक होने लगी। इस दौरान सम्मेलन में आए तमाम कार्यकर्ता भी दूसरी ओर खड़े थे। अगर पुलिस न होती तो विवाद हो सकता था।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री के नगर में आगमन की जानकारी पर किसानों के साथ उनको काले झंडे दिखाने के लिए हम लोग करीब साढ़े तीन बजे बरात घर के गेट पर पहुंचे। लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है मगर पुलिसकर्मी और सीओ जबरदस्ती रोकने की कोशिश कर रहे थे। इस पर सीओ से नोकझोंक हुई है। बाद में पुलिस ने उन्हें और उनके साथी करमवीर सिंह, जजवीर सिंह, गुरसेवक सिंह, कर्मजीत सिंह और तीन अन्य को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। करीब दो घंटे बाद जब भाजपा का कार्यक्रम समाप्त हो गया। तब कोतवाली से छोड़ा गया। जब तक तीन कानून वापस नहीं हो जाते। तब तक भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करना जारी रहेगा।
सतनाम सिंह, तहसील संगठन मंत्री अन्नदाता किसान यूनियन
प्रदर्शनकारी किसान काले झंडे न दिखा सकें, विवाद की स्थिति न बने। इसको लेकर किसानों को हटाने के लिए कोतवाली भिजवा दिया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उनको कोतवाली से छोड़ दिया गया।
वीरेंद्र विक्रम, सीओ पूरनपुर

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00