जिला अस्पताल में आने से पहले रहे सावधान, कहीं कोरोना न चिपक जाए

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 01:14 AM IST
जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सर्दी-जुकाम या अन्य कोई तकलीफ से राहत पाने के लिए जिला अस्पताल आ रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। कहीं छोटी-मोटी बीमारियों से छुटकारा पाने के चक्कर में कोरोना जैसी गंभीर बीमारी के वायरस न चिपक जाएं। वायरल फीवर और डेंगू-मलेरिया का प्रकोप बढ़ने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को तो जिला अस्पताल में 1687 लोग इलाज के लिए पहुंचे। इनमें 973 लोग सर्दी-जुकाम और फीवर से पीड़ित थे। दवा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के चैंबर तक मरीजों की लाइन लगी रही। मगर मास्क और सामाजिक दूरी का पालन होता कहीं नजर नहीं आया।
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मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच वायरल फीवर के साथ डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। तो वहीं तीसरी लहर आने की आशंका भी बनी हुई है। रविवार को ओपीडी बंद रहने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी थी। इस पर सोमवार को जब सरकारी अस्पतालों में ओपीडी खुली। तो जिला अस्पताल में मानों मरीजों की बाढ़ आ गई हो। जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे से दोपहर डेढ़ बजे 1687 पर्चे बनाए गए। जिसमें 973 मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार के थे। इधर, पैथोलॉजी लैब में भी डेंगू और मलेरिया की जांच करने वालों की भीड़ लगी रही। कई डॉक्टर जहां समय से चैंबर में मरीजों को देख रहे थे। वहीं, कई की कुर्सी खाली थी। इससे मरीज फर्श पर इधर-उधर बैठकर डॉक्टर की राह देख रहे थे। हालांकि कुछ देर बाद वहां भी डॉक्टर आकर बैठ गए। मौसम में अनेक बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले लेती हैं। कमोवेश हर घरों में सर्दी जुकाम वायरल फीवर और पेट के रोग से लोग ग्रसित है। रविवार की छुट्टी के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी ठीक से नहीं चल पाई। सोमवार को जैसे ही अस्पताल खुला चारों तरफ मरीजों का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह नौ बजे से अस्पताल मरीजों से खचाखच भरा रहा। हालत देखकर लग रहा था कि मानों जैसे कोरोना संक्रमण को सब भूल चुके हो। ओपीडी में डॉक्टर रमाकांत सागर दोपहर 12 बजे तक करीब 156 मरीजों देख चुके थे। फिर भी उनके कक्ष के सामने सैकड़ों लोग दिखाने के लिए खड़े थे। उधर, डॉ. महावीर सिंह के चैंबर के बाहर भी मरीजों की लंबी लाइन लगी। भीड़ की वजह से ऐसी अव्यवस्थाएं हो गई कि कोविड के नियमों का भी ध्यान नहीं रखा जा सका। दवा काउंटर पर दवा लेने के लिए मरीज एक दूसरे से सट कर खड़े हुए थे। उनमें भी अधिकांश मरीज मास्क नहीं लगाए हुए थे। ऐसे में संक्रामक बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा जिला अस्पताल में ही मंडरा रहा है। ओपीडी का समय पूरा होने के कारण कई मरीजों को बिना दिखाए ही वापस लौटना पड़ा।

यह बरतें सावधानी
- बिना मास्क लगाए अस्पताल में न जाए।
- सामाजिक दूूरी का पालन करें।
- बीपी या कोई जांच कराए तो हाथ सैनिटाइज करें।
- कोई वस्तु को छूने के दौरान उसे सैनिटाइज जरूर कर लें।
- खुली दवा का उपयोग न करें।
जिला अस्पताल में इन दिनों में मौसम के चलते मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल में लगातार कोविड के नियमों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। बिना मास्क पर प्रतिबंध है। कर्मचारियों को इसके लिए निर्देशित किया गया है। अगर लापरवाही मिली। तो ड्यूटी पर बैठे कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस जिला अस्पताल

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