22 स्वास्थ्य इकाइयों पर 1202 मरीजों का नि:शुल्क इलाज हुआ

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 10:17 PM IST
1202 patients were treated free of cost at 22 health units
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22 स्वास्थ्य इकाइयों पर 1202 मरीजों का नि:शुल्क इलाज हुआ
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- मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मरीजों को घर के नजदीक मिली इलाज की सुविधा
- कोविड हेल्प डेस्क में आए 924 मरीजों में 321 की आरटीपीसीआर जांच हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोविड-19 पर काफी हद तक नियंत्रण पाने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन फिर शुरू हो गया। जिले के सभीपीएचसी, सीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर आयोजित इस मेले में 1202 मरीजों की निशुल्क जांच कर दवाइयां दी गईं। कोविड हेल्प डेस्क में कुल 924 लोग आए, जिनमें से 321 की आरटीपीसीआर जांच की गई।
रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्धाटन मगहर में सीएमओ अधिकारी डॉ इंद्र विजय विश्वकर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित नहीं हो पा रहा था। फिलहाल खुशी की बात है कोविड प्रोटोकाल के साथ यह आयोजन हम दुबारा करने का प्रयास कर रहे हैं। कोरोना काल ने हमें यही सिखा दिया है कि स्वास्थ्य अब हमारी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही हम सभी के लिए घातक होगी। इसलिए मेरी अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोग मेले में आएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें। सीएमओ डॉ इन्द्र विजय विश्वकर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के 22 स्वास्थ्य इकाइयों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेला कराने का उद्देश्य स्पष्ट है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हों। हमारा प्रयास है कि इस मेले से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। मेले में मास्क और सैनिटाइजर की भी व्यवस्था है। सभी लोग सहयोगात्मक व्यवहार करें। इससे जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।

ये सुविधाएं मिलीं
मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सेवाएं दी गई। पीएचसी पर जांच नहीं हो पाईं उन मरीजों को जांच के लिए सीएचसी अथवा जिलाचिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
63 लोगों के बनाए गए आयुष्मान कार्ड
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 22 स्वास्थ्य इकाइयों पर कुल 1202 लोगों की को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इसमें 433 पुरुष 579 महिलाएं और 190 बच्चे शामिल रहे। इनमें सांस के 81, मधुमेह के 42, त्वचा रोग के 241, ब्लड प्रेशर के 49, एनीमिया के 16, लीवर के 17, संभावित टीबी के एक, प्रसव पूर्व जांच के 33 तथा अन्य रोगों के 722 रोगी पहुंचे। इनमें से छह को मेडिकल कालेज 13 को नेत्र सर्जरी के लिए रेफर किया गया। 63 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।

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