करदाताओं ने भी ली है सम्मान निधि, अब होगी रिकवरी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 10:02 PM IST
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करदाताओं ने भी ली है सम्मान निधि, अब होगी रिकवरी
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सिद्धार्थनगर। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना में शामिल प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजनाओं का लाभ लेने में कुछ वह लोग भी शामिल पाए गए हैं, जो पात्र नहीं हैं। जांच में जिले में 10 हजार ऐसे किसान मिले हैं, जो अपात्र हैं। इनमें करीब 2800 ऐसे हैं, जो आयकर दाता हैं। ये सरकार को किसी न किसी रूप में टैक्स देते हैं। विभागीय जांच में चिह्नित किए गए ऐसे किसानों को अब धन की वापसी करनी होगी। धनराशि जमा न करने वाले किसानों पर कार्रवाई भी होगी।
प्रदेश और केंद्र सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की बात कर रही है। किसानों की आय दोगुना हो, उसके लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाकर उन्हें लाभ देने का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की ओर से किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत शुरू हुई इस योजना में मध्यम और छोटी जोत वाले किसानों को शामिल करते हुए वहीं पांच सौ रुपये माह की दर से वर्ष में तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपये किसानों के बैंक खाते में केंद्र सरकार की ओर से भेजी जाती है। इसमें ऑनलाइन करने वाले किसानों की जांच के बाद उन्हें सम्मान निधि देने की प्रक्रिया है।

इसी बीच कई स्थानों पर किसान सम्मान निधि में अपात्र लोगों को सम्मान निधि देने का मामला सामने आया। इसके बाद केंद्र की ओर से सभी जिलों में किसान सम्मान निधि पाने वाले सभी किसानों का सत्यापन शुरू हुआ। जांच प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 10 हजार किसान अपात्र की श्रेणी में मिले हैं। सबसे गंभीर मामला यह है कि तकरीबन 2800 किसान ऐसे हैं, जो करदाता हैं और किसी न किसी रूप में सरकार को टैक्स देते हैं।
जांच के बाद इन्हें चिह्नित कर दिया गया है। सूची शासन को भेज दी गई है। केंद्र सरकार की ओर से बैंक खाता नंबर जारी होगा, उसमें उन्हें मिली हुई धनराशि को जमा करके रिपोर्ट करनी होगी। न जमा करने की स्थिति में नोटिस के साथ ही कार्रवाई भी होगी। उपकृषि निदेशक डॉ. एलबी यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में हुई जांच मेें 10 हजार किसान अपात्र मिले हैं, जिनसे धन की रिकवरी होगी।
किस श्रेणी के हैं अपात्र
विभाग के मुताबिक जांच में जो अपात्र पाएं गए हैं, उनमें बड़े किसान शामिल हो गए थे। इसके अलावा जो नियम बनाया गया है, उसके दायरे से बाहर वाले लोग थे। वहीं सरकारी सेवा सहित अन्य में शामिल कर्मी जो करदाता हैं, वह शामिल हैं। इसमें कोई एक किस्त तो कोई दूसरी पा चुका है। जिसको जितनी राशि मिली है, उतनी रिकवरी होगी।
ऐसे लोग नहीं ले सकते हैं लाभ
ऐसे किसान जो भारत सरकार के अधीन किसी सरकारी पोस्ट पर कार्य हैं। पूर्व या वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री, विधान मंडल, मेयर या किसी तरह की किसी अन्य उच्चपद वाले किसान हों या किसी सरकारी नौकरी में कार्यरत हों। इसके अलावा जिनकी पेंशन राशि 10 हजार से अधिक हो या फिर टैक्स भुगतान करने वाले किसान हों। किसी पेशेवर पोस्ट जैसे चिकित्सक आदि पेशे से जुड़े किसान सम्मान निधि योजना के पात्र नहीं हैं।

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