बाढ़ में डूबी बालिका, 50 और गांवों में भरा पानी

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:21 AM IST
सीतापुर में बिसवां तहसील क्षेत्र के मारूबेहड़-गुरगुजपुर संपर्क मार्ग पर भरे बाढ़ के पानी से निक?
सीतापुर में बिसवां तहसील क्षेत्र के मारूबेहड़-गुरगुजपुर संपर्क मार्ग पर भरे बाढ़ के पानी से निक? - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
ख़बर सुनें
रेउसा/रामपुर मथुरा/तंबौर/लहरपुर। तराई इलाके में उफनाई शारदा व सरयू नदी कहर बरपा रही है। रामपुर मथुरा में बाढ़ के पानी में डूबने से एक बालिका की मौत हो गई है। लगातार दूसरे दिन गुरुवार को नदियों का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा। नदी अपनी तलहटी से करीब 10 किलोमीटर दूर चहलारी से रेउसा कस्बे के करीब पहुंच गई है।
विज्ञापन

गुरुवार को 50 गांवों के एक हजार घरों में पानी पहुंच गया है। इससे यहां पर रहने वालों के सामने रोजी रोटी व आवास का संकट खड़ा हो गया है। अब बाढ़ की चपेट में 100 से अधिक गांव आ गए है। दो दिन में करीब तीन हजार घरों में पानी भर गया है। जिले में बिसवां, लहरपुर व महमूदाबाद तहसील के 100 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है।

इन गांवों के अंदर व घरों में पानी पहुंच गया है। अगर बिसवां तहसील की बात की जाए तो चहलारी घाट से रेउसा कस्बे की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। नदियों का पानी रेउसा कस्बे के पास पहुंच गया है। इससे करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है। इन गांवों का संपर्क मार्ग टूट गया है। जगदीशपुर, भरथा, ठलिया, गुरगुजपुर, हरिहरपुर, नेवादा, कुसमैरा सहित अन्य गांवों में हर तरफ पानी ही पानी है।
महमूदाबाद तहसील में उफनाई सरयू की चपेट में करीब 25 गांव आ गए है। जिनमें सोतीपुरवा, हरीपुरवा, कनरखी घाट, हरीपुरवा, सत्यधारीपुरवा, अर्जुनपुरवा, बलेशरपुरवा, धान्धी रेती, कन्हईघाट, गोड़ियनपुरवा, भल्लुपुरवा, बनवारीपुरवा, कैलाशपुरवा, जगन्नाथपुरवा, नकछेदपुरवा, आदि गांव पानी से घिर गए है। कुछ घरों में करीब तीन फिट तक पानी भर गया है। ग्रामीण ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे है।
अखरी व बलेशरपुरवा सहित करीब छह गांवों का संपर्क टूट गया है। एसडीएम महमूदाबाद महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में 1250 लंच पैकेट वितरित किए गए है। लहरपुर तहसील में गुरुवार को नदी से लगातार पानी निकलने से बुधवार को पानी की चपेट में आए 10 गांवों के बाद गुरुवार को चटेला, लालापुरवा, विशम्भर सिंह पूर्वा, नई बस्ती, सेतुही, क्योटना व बड़रिया में पानी पहुंच गया।
तंबौर से रजनापुर जाने वाली सड़क पर कई जगह एक फिट ऊंचा पानी चल रहा है। इन गांवों से आवागमन पूरी तरह बाधित है। उप जिलाधिकारी लहरपुर पंकज कुमार व एडिशनल एसपी राजीव दीक्षित ने दौरा कर बाढ़ चौकी का जायजा लिया। खनियापुर,रतौली, रतौलीडीह, सोंसरी व ग्राम कुसेपा के घरों के अंदर पानी भर गया है। ग्राम शाहपुर बाढ़ चौकी का सीडीओ अक्षत वर्मा, एसडीएम व सीओ ने जायजा लिया।
रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के ग्राम धान्धी रेती निवासी जोगिंदर की तीन वर्षीय पुत्री शिवानी दरवाजे पर किसी कारण से बाहर निकल आई थी। अचानक उसका पैर गहरे पानी में चला गया। डूबने से शिवानी की मौत हो गई। परिजनों ने पीएम कराने से मना कर दिया। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ओझा ने बताया कि लड़की की मौत डूबकर हुई है। वहीं, थानगांव थाना क्षेत्र में बुधवार को डूबे बालक का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। गोताखोर बालक की तलाश कर रहे है।
जान जोखिम में डालकर कर रहे सफर
रेउसा। बिसवां तहसील प्रशासन बराबर ग्रामीणों को नाव देने की बात कह रहा है लेकिन ये नाव सिर्फ कागजों पर ही दौड़ रही है। इसकी बानगी मौका मुआयने से सामने आ रही है। गुरुवार को मारूबेहड से गुरगुजपुर मार्ग पर पानी होने से लोग पानी के बीच से होकर निकलते दिखाई दिए। बोले, अगर नाव होती तो पानी के बीच क्यों निकलने को मजबूर होते।
इसी तरह बहराइच संपर्क मार्ग जिन्नापुरवा पर भी पानी चल रहा है। जैतहिया सड़क पर पानी है। यहां से गुजर रहे ऐवन सिंह, सुरेश व मंशाराम ने बताया कि नाव नहीं मिली है। दिन व रात कोई काम पड़ जाए तो पानी के बीच से निकलने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
परिवार बीमार, नहीं मिल सकी मदद
बिसवां तहसील के लालापुरवा में नाव नहीं है। हरेराम यादव का परिवार बीमार है। हरेराम का कहना है कि घर से निकलते ही चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। अस्पताल तक जाने का कोई विकल्प नहीं है। गांव में नाव मिल नहीं रही है। अगर जाए तो कैसे जाए। इससे पूरा परिवार बुखार से परेशान है। मदद करने वाला कोई भी नहीं है। पासिनपुरवा के जगदीश, कमलेश, हरेराम का कहना है कि रात में पानी की वजह से घबराहट हुई थी। नाव न होने की वजह से रातभर भगवान के नाम का जप ही करते रहे। अगर पानी और बढ़ जाता है तो बिना नाव के हम लोग कहां जाते।
राहत सामग्री बांटने में लापरवाही
बिसवां तहसील में नदी सबसे अधिक कहर बरपा रही है। वहां पर एसडीएम अनुपम मिश्रा व तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह की देखरेख में राशन सामग्री वितरित की जा रही है। पीड़ितों को राहत सामग्री पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल अपने चहेते को ही राशन देते है। अगर उनसे मांगते है तो वह मना कर देते है। ग्रामीणों ने एसडीएम से लेखपालों की कार्यशैली की जांच करवाकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00