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75 सहकारी समितियों पर ताले, खाद-बीज मिलना मुहाल

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 11:48 PM IST
बड़ागांव साधन सहकारी समिति बंद पड़ी और परिसर में अतिक्रमण व पशुओं का जमावड़ा। - संवाद
बड़ागांव साधन सहकारी समिति बंद पड़ी और परिसर में अतिक्रमण व पशुओं का जमावड़ा। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। बदहाली के चलते कारोबार न हो पाने से इनमें से अधिकांश समितियां बंद होने की कगार पर पहुंचने लगी हैं। ऐसी करीब 75 समितियां पर ताला पड़ जाने से इनका संचालन तक बंद हो गया है। इसका खामियाजा इन समितियों से जुड़े सैकड़ों किसानों को उठाना पड़ रहा है। उन्हें खाद व बीज पाने के लिए निजी दुकानों तक दौड़ लगा कर भटकना पड़ रहा है।
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सभी विकास खंड क्षेत्र में सहकारी समितियां संबंधित गांवों के आसपास ही संचालित हैं। इससे किसान यहां आसानी से कम समय में खाद व बीज आदि प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे में आर्थिक बदहाली के कारण बंद हो रहा समितियों कासंचालन बड़ी परेशानी पैदा कर रहा है। जिले में अब तक करीब 75 सहकारी समितियां बंद हो चुकी हैं। वहां ताला पड़ जाने के कारण खाद व बीज आदि तक नहीं मिल पा रहा।

ऐसे में जो किसान गेहूं की बुआई कर चुके हैं, उनके खेतों में यूरिया खाद की जरूरत पूरी करना बड़ी चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि अधिकांश समितियों की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण ही वह खाद की उठान नहीं कर पा रही हैं।
खाद-बीज के लिए चुकानी पड़ रही दोगुना कीमत
महमूदाबाद संवाद के अनुसार सिधौली मार्ग पर विकास खंड पहला के अंतर्गत साधन सहकारी समिति बेहटी मानशाह अधिकतर बंद रहती है। क्षेत्र के किसान मोहन, राजेश, मनोहर ने बताया कि इस कारण हम लोगों को खाद के लिए काफी परेशानी होती है। समिति बंद होने के कारण अब दूर दराज संचालित निजी दुकानों से महंगी दर पर खाद और बीज लेने की परेशानी उठानी पड़ रही है।
ऋण न मिलने से बंद है समिति
महोली संवाद के अनुसार क्षेत्र की साधन सहकारी समिति बड़ागांव वर्ष 2005 से बंद चल रही है। इससे किसानों के समक्ष खाद व बीज का संकट कायम बना है। साधन सहकारी समिति के बंद होने से भवन भी जर्जर हो गया है। ग्रामीणों ने समिति परिसर में अतिक्रमण कर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगा रखे हैं। सचिव कुमुद कुमार मिश्रा ने बताया ऋण न मिल पाने से ही किसानों को खाद व बीज का वितरण बंद करना पड़ा है।
जिला सहकारी बैक की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण समितियों के संचालन में परेशानी आ रही है। बैंक की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। प्रयास करके शीघ्र ही बंद समितियों को सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) सुविधा प्रदान कर संचालित कराया जाएगा।
नवीन कुमार शुक्ला
सहायक निबंधक सहकारी समितियां
जिले की स्थिति
कुल सहकारी समितियां 188
बंद समितियां 75
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से संचालित 85
सहकारी बैंक की मदद से संचालित 28

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