फजीहत से बचने के लिए जलशक्ति मंत्री के सामने पेश किए गलत आंकड़े

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 12:09 AM IST
Wrong figures presented before Jalshakti Minister to avoid trouble
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सीतापुर। जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह के सामने जिला प्रशासन ने बाढ़ इलाके में फैली अव्यवस्थाओं की नाकामी छिपाने के लिए गलत आंकड़े पेश कर दिए। जिला प्रशासन ने बताया कि बाढ़ में एक भी मौत नहीं हुई है जबकि तीन दिन के अंदर डूबने से दो की मौत हो गई है।
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वहीं रेउसा व रामपुर मथुरा के तमाम गांव डूबे हुए हैं लेकिन प्रशासन ने इसकी संख्या कम बताई तो सेवता विधायक भड़क गए। वह बोले अफसर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। यह जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। इस पर मंत्री ने अफसरों को फटकार भी लगाई।

शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने रेउसा, लहरपुर, तंबौर व रामपुर मथुरा आदि इलाकों का हवाई सर्वे करके बाढ़ के हालात देखे। उसके बाद जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट में अफसरों के साथ बैठक की। जिला प्रशासन के मुताबिक बिसवां में आठ गांव व महमूदाबाद में सात गांव बाढ़ में डूबे हैं।
जब मंत्री ने अफसरों की इस कागजी रिपोर्ट को पढ़ा तो सेवता विधायक ज्ञान तिवारी भड़क गए। वह बोले कि अफसर जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। वह बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं। केवल झूठी रिपोर्ट बना रहे हैं।
विधायक ने रेउसा के 15 व महमूदाबाद के 14 गांवों को बाढ़ग्रस्त गांवों की सूची में शामिल करने का पत्र दिया। यही नहीं अफसरों ने कई अन्य गलत जानकारी मंत्री को दे दी। इस पर मंत्री ने अफसरों को जमीनी हकीकत परखते हुए सही रिपोर्टिंग करने की हिदायत दी।
विधायक ने कहा कि फसलें डूब गई हैं। इसलिए किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए लेकिन कुछ लेखपालों ने घूसखोरी शुरू कर दी है। वे प्रत्येक किसान से दो से तीन सौ रुपये मांग रहे हैं। कहते हैं कि अगर पैसे नहीं दोगे तो मुआवजा नहीं दिलाएंगे। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि तीन से चार दिन तक बाढ़ का पानी रहेगा। इसलिए तब तक पूरे जिले के सेक्रेटरी को इन इलाकों से अटैच कर दिया जाए। प्रत्येक गांव का उनको नोडल बनाया जाए। वे केवल लोगों के लिए भोजन व प्रकाश की व्यवस्था कराएं। बजट की कोई कमी नहीं है।
रेउसा इलाके में बाढ़ में फंसे लोगों से मिलने विधायक ज्ञान तिवारी, एसडीएम अनुपम मिश्रा व तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ताहपुर चौसा जा रहे थे। इसी बीच सड़क पर तेज पानी आ गया तो विधायक वहां पर वाहन रोककर पैदल चल दिए लेकिन जिनके कंधों पर मदद की जिम्मेदारी थी, वे भाग निकले। एसडीएम व तहसीलदार दोनों अपने-अपने वाहन वापस ले लिए। कुछ देर बाद जब विधायक ने देखा तो अफसर नदारद थे। गांव में कोई भी अफसर नहीं पहुंचा।
जल शक्ति मंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में मीटिंग की। इस दौरान मीडियाकर्मियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद मंत्री ने प्रेसवार्ता बुलाई थी जब मीडियाकर्मी अंदर पहुंचे तो मीटिंग के बाद भी अफसर कुर्सियों पर मौजूद रहे। कुर्सियां ही नहीं बची थीं। मीडियाकर्मी खड़े रहे।
सूचना अधिकारी भी इससे बेपरवाह दिखे। वह कुर्सी पर तो जमे रहे लेकिन इंतजाम नहीं करा सके। सूचना अधिकारी की यह लापरवाही पहली बार नहीं है, इससे पहले भी प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह की बैठक में ऐसी लापरवाही देखने को मिली थी। इस पर मीडियाकर्मी मंत्री की प्रेसवार्ता का बहिष्कार करके बाहर निकल आए।

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