सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   father and son arrested in sonbhadra for 2,500 quintals of Khair wood hidden in drain

तस्करों पर शिकंजा: नाले में छिपा रखी थी 2500 क्विंटल खैर की लकड़ी, वन विभाग ने पिता- पुत्र को किया गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 09 Jun 2026 12:13 PM IST
विज्ञापन
सार

वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग ने लकड़ी की तस्करी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। साथ ही उनके पास से 2500 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद किया। 

 

father and son arrested in sonbhadra for 2,500 quintals of Khair wood hidden in drain
वन विभाग द्वारा बरामद खैर की लकड़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

सीमावर्ती क्षेत्र में खैर (कत्था) की लकड़ी की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने बभनी रेंज के घघरा गांव में एक नाले में छिपाकर रखे गए खैर की लकड़ी के 165 बोटे (करीब 2500 क्विंटल) बरामद किए हैं। मामले में गांव के विश्वनाथ और उसके पुत्र दिनेश को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दोनों ने छत्तीसगढ़ से लकड़ी लाकर ऊंचे दामों पर बेचने की बात स्वीकार की है। वन विभाग तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रहा है।

Trending Videos


वन क्षेत्राधिकारी बभनी प्रेमप्रकाश चौबे ने बताया कि क्षेत्र में खैर की लकड़ी की तस्करी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके मद्देनजर डीएफओ रेणुकूट कमल कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर घघरा गांव में छारा की कार्रवाई की गई, जहां नाले में छिपाकर रखे गए खैर के 165 बोटे बरामद हुए। सूचना मिलने पर डीएफओ भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में बरामद लकड़ी का संबंध गांव के विश्वनाथ और उसके पुत्र दिनेश से पाया गया। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ से खैर की लकड़ी मंगवाकर अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर चालान कर दिया है। वन विभाग के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में खैर की लकड़ी की तस्करी लंबे समय से जारी है। पूर्व में भी कई मामलों का खुलासा हो चुका है, लेकिन तस्करों का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है।

विज्ञापन

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

  • 25 मई 2026: म्योरपुर वन रेंज के पिंडारी ग्राम पंचायत स्थित नगराज टोला में एक होमगार्ड के खेत से 20 से अधिक खैर के पेड़ अवैध रूप से काटे गए थे। डीएफओ के निर्देश पर पहुंची टीम ने चार अलग-अलग स्थानों से खैर की लकड़ी के बोटे बरामद किए थे। कुछ स्थानों पर लकड़ियों का छिलका भी उतारा जा रहा था।
  • 12 जनवरी 2026: रेणुकूट वन प्रभाग के प्रवर्तन दल ने रनटोला गांव के पास म्योरपुर रोड रेलवे स्टेशन गेट के समीप खैर की लकड़ी से लदा एक ट्रक जब्त किया था। ट्रक छत्तीसगढ़ से हरियाणा जा रहा था। चालक और अन्य आरोपी वाहन छोड़कर भाग गए थे।
  • 16 दिसंबर 2023: बभनी थाना क्षेत्र के धनखोर तिराहा स्थित एक मकान में छापेमारी के दौरान 29 बोटा खैर की लकड़ी और लकड़ी चीरने की मशीन बरामद हुई थी। इस मामले में विवेक गुप्ता और गणेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।
  • नवंबर 2023: बीजपुर वन विभाग की टीम ने जरहां वन रेंज के धरतीडांड़ क्षेत्र से करीब 30 बोटा खैर की लकड़ी बरामद की थी, जिसे तस्कर बेचने की तैयारी में थे।

हरियाणा और पंजाब में अधिक मांग
खैर की लकड़ी चंदन और सागौन की तरह मूल्यवान मानी जाती है। पान में उपयोग होने वाला कत्था इसी लकड़ी से तैयार किया जाता है, जिसके कारण हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में इसकी मांग अधिक है। छत्तीसगढ़ और उससे सटे रेणुकूट वन प्रभाग के जंगलों से खैर की अवैध कटाई कर इसकी तस्करी की जाती है।

क्विंटल में खरीद, वर्गफीट में बिक्री
तस्कर स्थानीय लोगों से खैर की लकड़ी वजन के आधार पर खरीदते हैं और बाहरी बाजारों में वर्गफीट के हिसाब से बेचते हैं। इससे उन्हें कई गुना लाभ होता है। स्थानीय स्तर पर लकड़ी अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदी जाती है, जबकि बाहरी बाजारों में इसकी कीमत कई गुना अधिक मिलती है। स्थानीय रूप से 40 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद कर बाहर के बाजार में इसे 100 से 150 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से बेचते हैं।

इमारती कार्य और कत्था निर्माण में उपयोग
खैर की लकड़ी का उपयोग इमारती कार्यों के साथ-साथ कत्था निर्माण में किया जाता है। यही कारण है कि इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है और तस्कर इसके अवैध कारोबार में सक्रिय रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed