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Sultanpur: महिला अस्पताल में आठ में से पांच डॉक्टर अवकाश पर, दो के सहारे हुआ इलाज, गर्भवती महिलाएं परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 29 Sep 2022 04:39 PM IST
सार

सुल्तानपुर जिला अस्पताल में हर रोज करीब पांच सौ मरीज आते हैं पर उनके इलाज के लिए सिर्फ दो डॉक्टर ही मौजूद रहे। महिला अस्पताल में स्वीकृत 8 पदों के इतर वर्तमान में सिर्फ चार पदों पर ही चिकित्सक तैनात है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सुल्तानपुर महिला  अस्पताल में जमा भीड़।
सुल्तानपुर महिला अस्पताल में जमा भीड़। - फोटो : SULTANPUR
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विस्तार

सुल्तानपुर जिला महिला अस्पताल में गर्भवर्तियों का इलाज बुधवार को दो डॉक्टरों के भरोसे रहा। इस दौरान अस्पताल में सृजित डॉक्टरों के आठ पदों में से सिर्फ दो डॉक्टर ही ओपीडी में मरीजों को देखने के लिए मौजूद रही। इससे जांच के लिए पहुंची गर्भवती व प्रसूताओं के साथ अन्य मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। यहां औसतन हर दिन ओपीडी में पांच सौ के करीब मरीज आते हैं।



जिला अस्पताल में पिछले 15 दिनों से दो महिला चिकित्सक छुट्टी और एक चिकित्सक मातृत्व अवकाश पर हैं। चिकित्सक का एक पद तबादले के बाद से तैनाती के इंतजार में खाली पड़ा है। ऐसे में महिला अस्पताल में स्वीकृत 8 पदों के इतर वर्तमान में सिर्फ चार पदों पर ही चिकित्सक तैनात है। इन तैनात चार डॉक्टरों में से भी दो चिकित्सक बुधवार को आकस्मिक अवकाश पर ही। ऐसे में बुधवार को अस्पताल की ओपीडी सिर्फ दो चिकित्सकों के भरोसे रही। मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए एक चिकित्सक के ओपीडी कक्ष में एक पैथोलॉजिस्ट भी मदद के लिए मरीजों को देखती मिली। बीते काफी समय से महिला अस्पताल में इलाज चार चिकित्सकों के जिम्मे चल रहा है। इन्हीं को इमरजेंसी के साथ ही ओपीडी और सर्जरी का जिम्मा भी निभाना पड़ता है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन पांच सौ मरीजों की ओपीडी होती है।


बुधवार को जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था बेपटरी नजर आई। अस्पताल में मरीजों को देखने की जिम्मेदारी संभालने को सिर्फ दो चिकित्सक ही मौजूद रहे। इनमें से डॉ. सरोज दूबे इमरजेंसी का जिम्मा संभाले थी तो डॉ. रीता सिंह की ओपीडी खाली थी। उनकी ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। गर्भवती महिलाएं परेशान थीं। कोई कुछ बताने वाला भी नहीं था। छुट्टी पर चल रही महिला चिकित्सक तरन्नुम की ओपीडी में पैथोलॉजिस्ट डॉ. शिवांगी मरीजों को देखती मिलीं। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिला महिला अस्पताल में डॉ. तरन्नुम और डॉ. मानसी तोमर पिछले 15 दिनों से छुट्टी पर हैं। डॉ. श्वेता मातृत्व अवकाश पर हैं। पिछले दिनों सर्जन डॉ. केके भट्ट का गैर जनपद तबादला हो गया था। अस्पताल पहुंचे मरीजों ने काफी इंतजार के बाद भी डॉक्टर न मिलने के कारण बिना इलाज के ही अस्पताल से लौटने की परेशानी बताई।

स्टाफ की कमी से हो रही परेशानी
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके सोनकर ने बताया कि यहां तैनात तीन स्टाफ का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया है। इसकी वजह से परेशानी हो रही है। दो चिकित्सक छुट्टी पर और एक मातृत्व अवकाश पर हैं। ऐसे में बस ओपीडी में बी चिकित्सक मरीजों को देख पा रहे हैं।

साढ़े 11 बजे बंद हो जाती पैैथोलॉजी
जिला महिला अस्पताल में सुबह आठ से दोपहर बाद दो बजे तक प्रतिदिन पैथोलॉजी में जांच होने का नियम है। यहां पैथोलॉजिस्ट के साथ ही लैब टेक्नीशियन की भी तैनाती है। मौजूदा समय में सुबह आठ बजे से साढ़े 11 बजे तक ही सैंपल लिया जाता है। उसके बाद मरीजों को वापस कर दिया जाता है। चिकित्सक के जल्दी रिपोर्ट मांगने पर मरीजों बाहर जांच करानी पड़ती है।

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