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UP Crime: दो साल में गिरफ्तार 103 साइबर अपराधियों में से 30 प्रतिशत अनपढ़, इन्होंने 70% पढ़े-लिखों को ठगा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 09 Jun 2026 03:58 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने दो साल में 103 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें 30 प्रतिशत अनपढ़ हैं। इन्होंने 70% पढ़े-लिखे लोगों को ठगा। किसी का बैंक खाता खाली हुआ, किसी की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में गायब हो गई।

Varanasi crime of 30 percent 103 cyber criminals arrested in two years illiterate
Cyber Crime - फोटो : FREEPIK
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विस्तार

दो साल में पुलिस ने 103 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, लेकिन सबसे चौकाने वाली बात यह रही कि इनमें करीब 30 प्रतिशत ठीक से पढ़-लिख भी नहीं सकते। बावजूद मोबाइल, फर्जी लिंक और नकली वेबसाइटो के सहारे 70 प्रतिशत पढ़े-लिखे लोगों को अपना शिकार बना लिया। 



किसी का बैंक खाता खाली हुआ, किसी की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में गायब हो गई। क्रेडिट कार्ड अपडेट, केवाईसी वेरिफिकेशन, बिजली बिल और गिफ्ट ऑफर के नाम पर चल रहे साइबर जाल ने साबित कर दिया कि अब ठगी के लिए डिग्री नहीं, बल्कि चालाक दिमाग और तकनीक का गलत इस्तेमाल काफी है। इसमें ब्रेन मैपिंग की भी ट्रेनिंग ली। 
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पूछताछ में सामने आया कुछ अनपढ़ तो कुछ पांचवीं तक पढ़े थे। कुछ 10वीं की पढ़ाई के बाद साइबर अपराध में उतर गए। नेटवर्क तलाशा और झारखंड, ओडिसा, दिल्ली और राजस्थान में ट्रेनिंग ली। तीन से छह महीने तक ट्रेनिंग में अपराध के तरीकों को सीखा और फिर खुद उतर गए। 

लैपटॉप मोबाइल और बैटरी बैकअप लेकर जहां जगह मिलीं वहीं से काम शुरू कर दिया। क्रेडिट कार्ड अपडेट, केवाईसी वेरिफिकेशन, बिजली बिल, गिफ्ट ऑफर और फर्जी वेबसाइटों से 30 हजार से एक लाख तक की ठगी की गई। 

पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने मोबाइल और सोशल मीडिया को हथियार बनाकर लोगों की कमाई पर डाका डाला। बड़े गिरोह से संपर्क कर बल्क में कॉन्ट्रैक्ट नंबर लेते फिर एक ही दिन में 35-45 लोगों को फोन करते। इंटरनेट और मोबाइल एप से ठगी के तरीके सीखे। 

फर्जी केवाईसी अपडेट से ठगी
सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका फर्जी केवाईसी अपडेट का रहा। बैंक या मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बनकर कॉल करते थे और खाते या सिम बंद होने का डर दिखाते थे। क्रेडिट कार्ड रिवार्ड प्वाइंट और गिफ्ट ऑफर भी बड़ा हथियार बने।

 


केस-1

फरवरी में 42 लाख रुपये की साइबर ठगी में साइबर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें तीन अनपढ़ रहे। सभी ने 42 लाख रुपये का शिक्षक और कारोबारी से फ्रॉड किया था।


केस-2
गल्फ कंट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने बीते साल पकड़ा था। जिसमें दो महिलाएं भी थीं। दोनों ने दसवीं तक नहीं की थी।

केस-3
साइबर अपराधियों को फर्जी जमानतदार बनकर जमानत दिलाने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा था। लेटर पैड, थाने का मोहर और फर्जी आधार कार्ड बनाकर जमानत दिलाते थे। तीन गिरफ्तारियों में दो अनपढ़ थे।

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