एसएसजे विवि: अब अभिलेखों में ‘इंडिया’ नहीं, ‘भारत’ होगा अंकित, बैठक में कई प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की शैक्षिक परिषद ने विश्वविद्यालय के अभिलेखों में ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ शब्द अंकित किए जाने को मंजूरी दे दी है।
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सोबन सिंह जीना (एसएसजे) विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में विश्वविद्यालय के शैक्षिक परिषद की तीसरी बैठक हुई। सोमवार को कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय के अभिलेखों में इंडिया की जगह भारत शब्द अंकित किए जाने का अनुमोदन किया गया। शैक्षणिक विकास, शोध गतिविधियों और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
सोमवार को बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप संशोधित क्रेडिट संरचना पर आधारित स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई। कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं प्रबंधन तथा दृश्यकला संकायों की बैठकों में लिए गए निर्णयों का भी अनुमोदन किया गया।
शोध एवं प्रसार निदेशालय की ओर से प्रस्तुत शोध अध्यादेश, विभिन्न विषयों के शोधार्थियों के शोध शीर्षकों और विवि की ओर से पीएचडी उपाधियों को भी मंजूरी मिली। इस दौरान विवि के शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ किए गए एमओयू, बी.वॉक होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी कैंपस की स्थापना और एकेडमिम कैलेंडर को भी स्वीकृति प्रदान की गई। एसएसजे परिसर के लोअर कैंपस स्थित प्रेक्षागृह का नाम स्वामी विवेकानंद सभागार किए जाने का अनुमोदन किया गया।
वहां कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, प्रो पंकज कुमार शाह, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, प्रो. पीएस बिष्ट, प्रो. हरीश चंद्र जोशी, प्रो. शेखर चंद्र जोशी, प्रो. रिजवाना सिद्धिकी, प्रो. एके नवीन, डॉ. एचआर कौशल आदि मौजूद रहे।