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घाटे और घोटाले से बंद होने के कगार पर पहुंची समिति

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 11:37 PM IST
The cooperative society itself became indebted by distributing loans to the farmers
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बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति किसानों को ऋण देने के बाद वसूली नहीं करने और कुछ कर्मचारियों के लाखों रुपये का घोटाला करने के कारण समिति खुद कर्जदार हो गई है। हालत यह हो गई कि समिति अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रही है। सहकारी समिति बंदी के कगार पर पहुंच गई है।

बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति से क्षेत्र के 20 गांवों के हजारों किसान जुड़े हैं। समिति के माध्यम से किसानों को छूट पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जाता है। इतना ही नहीं किसानों को ऋण भी दिया जाता है। इस समय किसानों पर समिति का लाखों रुपये का ऋण बकाया है। इसकी वसूली नहीं हो पा रही है। समिति में सचिव के अलावा सात कर्मचारी तैनात हैं। कई वर्ष पहले सहकारी समिति में लाखों रुपये का घोटाला हुआ था। घोटाले का एक आरोपी कर्मचारी रिटायर हो चुका है। जबकि दूसरे आरोपी कर्मचारी की मौत हो चुकी है। घोटाले के आरोपी कर्मचारियों ने अपने चहेतों को ऋण बांट दिया था। इस ऋण की वसूली नहीं हुई है।

सहकारी बैंक का सहकारी समिति पर करोड़ों रुपये का बकाया है। इसके अलावा सहकारी समिति में कामकाज कम है। जबकि सहकारी समिति में कई कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इससे भी सहकारी समिति पर बोझ बढ़ा है। अब सहकारी समिति की यह हालत हो गई है कि जहां वह घाटे के चलते कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ है। वहीं, सहकारी बैंक का कर्ज देना तो दूर रहा, उसके ब्याज की अदायगी भी नहीं हो पा रही है।
समिति के कर्मचारी नवीन, सुरेंद्र, शुुुभम, अश्वनी का कहना है कि इस वर्ष जनवरी से वेतन नहीं मिला है। बगैर वेतन के परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। विजय, राजेंद्र, रमेश, प्रमोद आदि किसानों का कहना है कि सहकारी समिति से ऋण नहीं मिल रहा है। सहकारी समिति के सचिव विपिन कुमार का कहना है कि उन्होंने हाल ही में सहकारी समिति का चार्ज संभाला है। बकायादार किसानों से ऋण की वसूली के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस साल की बैलेंस सीट जल्दी तैयार की जाएगी।
चार लाख का हुआ घाटा
2020 में सहकारी समिति को 44 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। लेकिन 2021 में सहकारी समिति को चार लाख रुपये का घाटा हो गया। इस साल 2022 को 31 के बाद तैयार होने वाली बैलेंस सीट अभी तक नहीं बनी है। जिला सहायक निबंधक राजेश कुमार चौहान का कहना है कि सहकारी समिति में हुई घोटालों की विभागीय जांच चल रही है।

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