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ठेकेदारों की हड़ताल का व्यापक असर, सड़कों से मलबा हटाना बना चुनौती

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 08:54 PM IST
Opening of closed roads became a challenge for the departments
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बिलों से रॉयल्टी काटने के विरोध में ठेकेदारों की हड़ताल का असर लोनिवि और पीएमजीएसवाई के कार्यों पर पड़ना शुरू हो गया है। ठेकेदारों की ओर से आपदा कार्यों में लगाई गई जेसीबी वापस बुलाने से जहां एक ओर बंद सड़कों को खोलना संबंधित विभागों के लिए चुनौती बना है वहीं सड़कों पर बारिश के कारण आए मलबे को हटाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है।

कोटद्वार और आसपास के क्षेत्र में पीएमजीएसवाई और लोनिवि की कई सड़कें बंद हैं। लोनिवि लैंसडौन के अंतर्गत पाणीसैंण-डबराड-बूथानगर मोटर मार्ग, शंकरपुर-बकरोड़ी-बसेड़ी मोर मार्ग, किल्बौखाल-खाल्यूडांडा मोटर मार्ग अब भी बंद हैं। पीएमजीएसवाई श्रीनगर-2 के अंतर्गत क्षेत्र की ढाबखाल-बुलेखा मोटर मार्ग, पणखेत-मथाणा मोटर मार्ग आदि सड़कें मलबा आने से अब भी बंद हैं। ठेकेदार बिलों से रॉयल्टी काटने और पांच गुना रॉयल्टी वसूलने का विरोध कर रहे हैं और गत 16 जुलाई से हड़ताल पर हैं। ठेकेदारों ने एक अगस्त को आपदा कार्यों में लगी जेसीबी वापस मंगा ली थीं जिसके बाद से संबंधित विभागों के लिए सड़कों को खोलना सड़क से मलबा हटाना चुनौती बना है।

विभाग में आपदा कार्यों में लगी ठेकेदारों की मशीनें काम करने लगी हैं। वर्तमान में सभी सड़कें सुचारु हैं। बरसात के बाद सड़कों पर पड़े मलबे को तेजी से हटाया जा रहा है। - पीएस बिष्ट ईई लोनिवि लैंसडौन।
विभाग में आवश्यकतानुसार आसपास के क्षेत्र से जेसीबी मंगाई जाती हैं। ठेकेदारों की हड़ताल के कारण जेसीबी नहीं मिलने से बंद सड़कों को खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। बंद सड़कों को खोलने के लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। - सुधीर ममगाईं, ईई पीएमजीएसवाई खंड कोटद्वार।
ठेकेदारों ने पेयजल निगम कार्यालय में की तालाबंदी
पर्वतीय ठेकेदार संघ से जुड़े ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों के बिलों में वसूली जाने वाली रॉयल्टी के विरोध में बुधवार को जानकीनगर स्थित पेयजल निगम कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से निर्माण कार्य के लिए उपयोग में लाए जाने वाले उप खनिज के लिए एमएम-11 और फॉर्म-जे की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की।
इससे पूर्व लोनिवि गेस्ट हाउस में हुई संघ की बैठक में सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि रॉयल्टी में बढ़ोतरी एवं अर्थदंड के शासनादेश को शीघ्र वापस नहीं लिया, तो प्रदेश स्तरीय ठेकेदार संघ के साथ मिलकर आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके बाद विभागों की ओर से निकाली गई निविदाओं और अन्य कार्यों का बहिष्कार भी किया जाएगा। प्रदर्शन में ठेकेदार संघ के अध्यक्ष संघ के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह, उपाध्यक्ष किशोर लखेड़ा, भास्कर बड़थ्वाल, दिनेश रावत, जयप्रकाश रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, विजय ध्यानी, प्रकाश भारद्वाज आदि शामिल रहे।
वहीं यमकेश्वर और दुगड्डा ब्लाक के जनप्रतिनिधि बिलों से रॉयल्टी काटने के विरोध में ठेकेदारों की हड़ताल के समर्थन में उतर गए हैं। जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से जनहित में रॉयल्टी कानून को वापस लेने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। कहा कि नए शासनादेश से प्रदेश में विकास कार्य बंद हो जाएंगे। ज्ञापन भेजने वालों में जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह नेगी, क्रांति कपरवान, विनोद डबराल, संजय डबराल शामिल रहे। संवाद

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