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गुलदार की दहशत: अल्दावा गांव के छात्र नहीं गए स्कूल

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 10:24 PM IST
सार

गुलदार और बाघ के हमलों से लोग भयभीत हो गए हैं।घायल शंभू प्रसाद ने भी ग्रामीणों को आगाह किया है।ग्रामीण शतीश धूलिया, कृपाराम, सिद्धानंद ने बताया कि इस घटना के बाद से गांव के लोग पलायन करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

Panic of Guldar: Students of Aldawa village did not go to school
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विस्तार

गुलदार और बाघ के हमलों से लोग भयभीत हो गए हैं। सोमवार को किसी ने अपने बच्चे स्कूल नहीं भेजे। ग्रामीण अपने घरों से बाहर ही नहीं निकल रहे। गोदी बड़ी के बाद अब अल्दावा गांव के पैदल मार्ग पर वृद्ध पर हुए हमले ने लोगों को भयभीत कर दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि वृद्ध शंभू प्रसाद खर्कवाल (72) पर हमला करने वाला गुलदार नहीं बाघ था। घटना के बाद पूरी रात क्षेत्र में दहाड़ता रहा। वन मोटर मार्ग के साथ ही गांव के पैदल मार्ग पर भी आवाजाही खतरे से खाली नहीं है।

प्रधान माधुरी धूलिया ने बताया कि गांव से बच्चे जीआईसी दुगड्डा पढ़ने आते हैं उन्हें भेजने में डर लग रहा है। फिलहाल उनकी छुट्टी करवा दी गई है। वह बताते हैं कि उनका गांव कालागढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से सटा है। उनके क्षेत्र में गुलदार और बाघ दोनों सक्रिय हैं। रविवार की शाम हमला करने वाला बाघ था। घायल शंभू प्रसाद ने भी ग्रामीणों को आगाह किया है। ग्रामीणों ने गांव में वन विभाग की चौकी स्थापित करने और वहां पर पर्याप्त संख्या में वन कर्मियों की तैनाती की मांग की है।
ग्रामीण शतीश धूलिया, कृपाराम, सिद्धानंद ने बताया कि इस घटना के बाद से गांव के लोग पलायन करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। वर्तमान में गांव में 11-12 परिवार ही निवास कर रहे हैं। कई परिवारों ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए दुगड्डा में ही किराए पर कमरे ले लिए हैं। दुगड्डा के रेंज अधिकारी प्रमोद डोबरियाल ने बताया कि घटना के बाद से क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की संस्तुति की जा रही है।
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गांव आने जाने का वन मोटर मार्ग व पैदल मार्ग दोनों बदहाल
ग्रामीण दिवाकर धूलिया बताते हैं कि अपने अल्दावा गांव जाने के लिए दुगड्डा से करीब छह किमी वन मोटर मार्ग पड़ता है। यह दो सितंबर को अतिवृष्टि के बाद से बंद पड़ा है। इसकी मरम्मत पर जनप्रतिनिधि और वन विभाग अधिकारी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। लोग मजबूरन रेंज ऑफिस से गांव के लिए बने पैदल मार्ग पर आवाजाही कर रहे हैं। यहां पर गुलदार और बाघ जैसे हिंसक वन्यजीवों से उनका सामना हो रहा है।
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अल्दावा पैदल मार्ग पर गुलदार के हमले के बाद गश्त बढ़ा दी है। जल्द ही वन प्रभाग की ओर से पिंजरा लगाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। गांव के रास्तों को लैंटाना समेत अन्य झाड़ियों से मुक्त करने की जरूरत है। विभाग की ओर से भी लैंटाना हटाने के लिए बजट की डिमांड की जा रही है। -दिनकर तिवारी, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग।

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