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Roorkee News: गैस टैंकर ड्राइवर से मारपीट पर भड़के साथी
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कस्बा स्थित एचपी गैस प्लांट में उस समय हंगामा हो गया जब एक गैस टैंकर ड्राइवर के साथ शनिवार शाम प्लांट के मैनेजर और स्टाफ ने मारपीट और गाली-गलौज कर दी। घटना से आक्रोशित होकर सोमवार को टैंकर चालकों ने गैस प्लांट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं, पीड़ित चालक ने भगवानपुर कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बिलासपुर (रुद्रपुर) निवासी टैंकर चालक हरजीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपना गैस टैंकर खाली करने के लिए भगवानपुर स्थित एचपी गैस प्लांट के अंदर गया था। आरोप है कि वहां मौजूद प्लांट के मैनेजर और स्टाफ ने उसके साथ बदसलूकी की। विरोध करने पर स्टाफ ने उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
साथी ड्राइवर के साथ हुई मारपीट की खबर मिलते ही अन्य टैंकर चालक भी भड़क गए। चालकों ने एकजुट होकर गैस प्लांट के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में शामिल चालकों ने प्लांट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ड्राइवरों पर हो रहे अत्याचार को रोकने की मांग की। चालकों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन नियमों के विपरीत जाकर काम कर रहा है और चालकों को बंधुआ मजदूर और गुलाम समझकर प्रताड़ित किया जाता है।
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धरने पर बैठे चालकों ने गैस प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने बताया कि प्लांट परिसर में ड्राइवरों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पीने के पानी की कोई सुविधा है। भीषण गर्मी के कारण गैस टैंकरों का सामान्य तापमान जो 100 डिग्री होना चाहिए वह बढ़कर 120 डिग्री तक पहुंच गया है। इससे टैंकरों में भी भयंकर विस्फोट हो सकता है।
बढ़े हुए तापमान को कम करने के लिए टैंकरों पर पानी का छिड़काव करना बेहद जरूरी होता है लेकिन प्लांट में इसके लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। प्लांट में आग बुझाने या आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और सुरक्षा के तय मानकों को पूरी तरह ताक पर रखा गया है। चालकों ने स्थानीय प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस संवेदनशील एचपी गैस प्लांट की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी मैनेजर और स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त नहीं किया गया तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। एचपी एलपीजी गैस प्लांट भगवानपुर मैनेजर धीरज त्यागी ने बताया कि गैस टैंकर ड्राइवर के साथ बातचीत हो गई है। जल्द ही एलपीजी से भरी गाड़ियों को खाली किया जाएगा और ड्राइवरों की समस्या को लेकर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा गैस टैंकर गाड़ी का तापमान 120 डिग्री नॉर्मल होता है। खतरे की कोई बात नहीं है।
बिलासपुर (रुद्रपुर) निवासी टैंकर चालक हरजीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपना गैस टैंकर खाली करने के लिए भगवानपुर स्थित एचपी गैस प्लांट के अंदर गया था। आरोप है कि वहां मौजूद प्लांट के मैनेजर और स्टाफ ने उसके साथ बदसलूकी की। विरोध करने पर स्टाफ ने उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
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साथी ड्राइवर के साथ हुई मारपीट की खबर मिलते ही अन्य टैंकर चालक भी भड़क गए। चालकों ने एकजुट होकर गैस प्लांट के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में शामिल चालकों ने प्लांट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ड्राइवरों पर हो रहे अत्याचार को रोकने की मांग की। चालकों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन नियमों के विपरीत जाकर काम कर रहा है और चालकों को बंधुआ मजदूर और गुलाम समझकर प्रताड़ित किया जाता है।
धरने पर बैठे चालकों ने गैस प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने बताया कि प्लांट परिसर में ड्राइवरों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पीने के पानी की कोई सुविधा है। भीषण गर्मी के कारण गैस टैंकरों का सामान्य तापमान जो 100 डिग्री होना चाहिए वह बढ़कर 120 डिग्री तक पहुंच गया है। इससे टैंकरों में भी भयंकर विस्फोट हो सकता है।
बढ़े हुए तापमान को कम करने के लिए टैंकरों पर पानी का छिड़काव करना बेहद जरूरी होता है लेकिन प्लांट में इसके लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। प्लांट में आग बुझाने या आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और सुरक्षा के तय मानकों को पूरी तरह ताक पर रखा गया है। चालकों ने स्थानीय प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस संवेदनशील एचपी गैस प्लांट की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी मैनेजर और स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त नहीं किया गया तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। एचपी एलपीजी गैस प्लांट भगवानपुर मैनेजर धीरज त्यागी ने बताया कि गैस टैंकर ड्राइवर के साथ बातचीत हो गई है। जल्द ही एलपीजी से भरी गाड़ियों को खाली किया जाएगा और ड्राइवरों की समस्या को लेकर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा गैस टैंकर गाड़ी का तापमान 120 डिग्री नॉर्मल होता है। खतरे की कोई बात नहीं है।