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Udham Singh Nagar News: गरीबों के हक का अन्न खा रहे थे आलीशान घरों में रहने 1195 परिवार

संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Tue, 09 Jun 2026 12:48 AM IST
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1195 families living in luxurious houses were eating food meant for the poor.
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रुद्रपुर। लग्जरी जीवनशैली जीने वाले और आलीशान घरों में रहने वाले लोग गरीबों के हक का राशन खा रहे थे। जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से चलाए गए 21 दिन के सत्यापन अभियान में इस बात का खुलासा हुआ है। 1195 ऐसे राशन कार्डधारकों की पहचान हुई है जो सरकारी नियमों के अनुसार अपात्र थे लेकिन फिर भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सस्ता राशन ले रहे थे।

खाद्य आपूर्ति विभाग ने पांच मई से 26 मई तक राजकीय खाद्य सुरक्षा कार्डों के सत्यापन का विशेष अभियान चलाया। विभाग की टीमों ने कुल 28,768 राशन कार्डों का गहनता से सत्यापन किया। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केवल वही लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
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सत्यापन के दौरान पता चला कि कई ऐसे व्यक्ति जिनके पास लग्जरी कारें हैं और आलीशान घर हैं, वे भी गरीबों के लिए निर्धारित राशन खरीद रहे थे। यह सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला है, जहां जरूरतमंदों के हक पर डाका डाला जा रहा था। इन 1195 अपात्रों की पहचान से स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अब भी खामियां हैं।
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अपात्र पाए गए राशन कार्डों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
खाद्य आपूर्ति विभाग ने अपात्र पाए गए राशन कार्डों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने सरकारी नियमों का उल्लंघन किया है और गरीबों के हक को मारा है। इस तरह के सत्यापन अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
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केस-1 : रुद्रपुर के आदर्श कॉलोनी में रहने वाली एक महिला का बीपीएल कार्ड था। उनके पास आलीशान घर है। साथ ही घर के बाहर एक कार खड़ी थी। उनका कार्ड अपात्र पाया गया है।
केस-2 : गदरपुर में रहने वाली महिला का कई साल पहले बीपीएल कार्ड बना। तब उसकी आय कम थी। बाद में बच्चों की नौकरी लगी तो आर्थिक स्थिति सुधर गई लेकिन घर में सरकारी राशन आ रहा था।
केस-3 : सितारगंज में एक ही परिवार के तीन बीपीएल राशन कार्ड बने हुए थे जबकि परिवार की आय मानकों से कहीं अधिक पाई गई। इन कार्डाें को अपात्र किया गया है।
कोट
सरकार और जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में राजकीय खाद्य सुरक्षा के कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों ने गलत तरीके से कार्ड बनाए थे उन्हें अपात्र पाया गया है। कार्ड निरस्त किए जाएंगे। सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। - विनोद चंद्र तिवारी, डीएसओ
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