{"_id":"6a27da28e19f284aa400226a","slug":"chhatarpur-sound-of-public-movement-against-water-crisis-demand-to-save-40-year-old-borewell-in-badamalhara-intensifies-chhatarpur-news-c-1-1-noi1359-4374951-2026-06-09","type":"video","status":"publish","title_hn":"Chhatarpur: जल स्रोत बचाने के लिए जनआंदोलन की तैयारी, मुनादी कर लोगों से तहसील पहुंचने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhatarpur: जल स्रोत बचाने के लिए जनआंदोलन की तैयारी, मुनादी कर लोगों से तहसील पहुंचने की अपील
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Tue, 09 Jun 2026 04:14 PM IST
Link Copied
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा क्षेत्र में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर जनआंदोलन का स्वरूप उभरता नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों द्वारा मुनादी कर लोगों से सुबह 11 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एकजुट होने और ज्ञापन सौंपने की अपील की जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से लगभग 40 वर्ष पुराने बोरवेल सहित पारंपरिक जल स्रोतों को सुरक्षित रखने की मांग की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि “जल है तो जीवन है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी नागरिकों को इस मुहिम में शामिल होकर जल संरक्षण के लिए आवाज उठानी चाहिए।
फोरलेन निर्माण से जल स्रोतों पर खतरे का आरोप
ग्रामीणों और नागरिकों का आरोप है कि फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र के पुराने नालों और जल आपूर्ति के महत्वपूर्ण स्रोतों पर संकट मंडरा रहा है। उनका कहना है कि यदि इन जल संरचनाओं को नुकसान पहुंचा तो बड़ामलहरा क्षेत्र को भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल स्रोतों के समाप्त होने से नगर में पेयजल की भारी समस्या उत्पन्न होगी और लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
बाइक रैली और मुनादी से चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
जनसमर्थन जुटाने के लिए क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाइक पर माइक और साउंड सिस्टम लगाकर गली-मोहल्लों और प्रमुख चौराहों पर मुनादी की जा रही है। नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में तहसील कार्यालय पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने का आग्रह किया जा रहा है।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे धरना-प्रदर्शन सहित व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि क्षेत्र के जल भविष्य को सुरक्षित रखने की लड़ाई है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।