अमर उजाला
Mon, 11 May 2026
हिंदू धर्म में हर एक माह में आने वाली अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है
ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है। इस तिथि पर पितरों का तर्पण करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पर पितरों का पिंडदान करने से पूर्वज बहुत प्रसन्न होते हैं
ज्येष्ठ अमावस्या पर शनि जन्मोत्सव और वट सावित्री व्रत रखा जाता है।
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी
17 मई को रात 1 बजकर 30 मिनट पर खत्म होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर 16 मई को मनाई जाएगी
अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है
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