अमर उजाला
Sun, 12 April 2026
17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या का पावन पर्व मनाया जाएगा, जो पितरों की आत्मशांति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन स्नान, दान और पितृ तर्पण करने का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म से पितृ दोष धीरे-धीरे शांत होने लगता है।
पवित्र नदियों में स्नान करने से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करना इस दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है।
इस साल वैशाख अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जो इसे और भी खास बना देता है।
कब लगेगा दूसरा चंद्र ग्रहण ?