रामनवमी पर महावीरो हनुमान विजयतेतराम पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर में रामनवमी पर दर्शन के लिए बुधवार को शाम से रातभर बढ़ती रही कतार। रामनवमी पर बिहार में सर्वाधिक भक्त पटना के महावीर मंदिर में ही दर्शन के लिए जुटते हैं। रात 12 बजे तक ही इतने भक्त आ गए थे कि वीर कुंवर सिंह पार्क तक दो कतारें लग गईं। सुबह भक्तों को दर्शन। हनुमान जी को सबसे जागृत देवता माना जाता है और भगवान राम अपनी पूजा से अधिक भक्त हनुमान की पूजा से प्रसन्न होते हैं। मंदिर के पास पहुंच भक्तों का उत्साह चरम। मौका इसलिए भी खास क्योंकि 449 साल बाद 30 मार्च को रामनवमी है। अंग्रेजी तिथि के अनुसार 30 मार्च 1574 को तुलसीदास ने श्रीरामचरिमानस की रचना की थी। भक्तों का उत्साह इससे भी बढ़ा। भक्तों के चढ़ावे और नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री से आई राशि का बड़ा हिस्सा महावीर वात्सल्य, महावीर कैंसर जैसे अस्पतालों में जाता है। यह देश का इकलौता मंदिर है, जहां हनुमान जी के दो विग्रह रूप विराजमान हैं- एक दु:खहरण और दूसरा- मनोकामना पूरक। महावीर हनुमान के दो विग्रह रूपों के कारण पटना जंक्शन उतरने वाले लोग भी यहां दर्शन के लिए आते रहते हैं। महावीर मंदिर में भक्तों के हुजूम को देखते हुए गुरुवार रात तक इस तरफ वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई है। पटना के महावीर मंदिर में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या भी ठीकठाक रहती है।