अमर उजाला
Tue, 12 July 2022
इस हीरे की खोज आंध्र प्रदेश के गोलकोंडा में की गई थी
कहा जाता है कि असली कोहिनूर हीरा 793 कैरेट का था मगर अब ये मात्र 105.6 कैरेट का रह गया है
इसका नाम "कोहिनूर" ईरानी शासक नादिरशाह ने रखा था
इस हीरे को कब बनाया गया इस बात का रहस्य आज भी बना हुआ है
1849 में एक संधि के अनुसार कोहिनूर हीरे को इंग्लैंड की महारानी को सौंपना पड़ा
गुजरात से लेकर महाराष्ट्र तक आसमानी आफत