बेहद रहस्यमयी है महिला नागा साधुओं की दुनिया, जानिए कैसे बनती हैं संन्यासी
अमर उजाला
Mon, 20 January 2025
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प्रयागराज में गंगा, युमना और सरस्वती नदी के संगम तट पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से शुरू हो चुका है, जो 26 फरवरी 2025 तक चलेगा
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महाकुंभ में पवित्र संगम में स्नान करने के लिए साधु-संतों के अलावा दुनियाभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिनमें नागा साधु सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र हैं
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आज हम आपको अपनी इस खबर में महिला नागा साधुओं के बारे में बताएंगे, जिनकी दुनिया बेहद रहस्यमयी है और जिनका जीवन चुनौतियों से भरा हुआ होता है
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नागा साधु बनने के लिए महिलाओं को कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है और यह परीक्षा कई साल तक चलती है
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महिलाओं को इस दौरान ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करना होता है। इसके साथ ही वह जिंदा रहते ही अपना पिंड दान कर देती हैं
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नागा साधु बनने से पहले महिलाओं को सिर मुंडवाना पड़ता है। इसके बाद वह पवित्र नदी में स्नान करती हैं, जिसके बाद उन्हें महिला नागा साधु का दर्जा मिलता है
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बेहद कम मौके पर महिला नागा साधु नजर आती हैं। कुंभ के मौके पर वह खासतौर पर दिखाई पड़ती हैं
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महिला नागा साधु पुरुष नागा साधु की तरह निर्वस्त्र नहीं रहती हैं। महिला नागा साधु गेरुए रंग का बिना सिला हुआ वस्त्र धारण करती हैं
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