14वीं शताब्दी में यूरोप पुनर्जागरण काल से गुजर रहा था। उस दौरान यूरोप में सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक, कलात्मक, शैक्षिक आदि कई क्षेत्रों में बदलाव हो रहे थे
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यूरोप के इस पुनर्जागरण को रेनेसा काल के नाम से भी जाना जाता है। लिओनार्दो दा विंची का जन्म भी इसी दौर में हुआ। लिओनार्दो बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे
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आज के आधुनिक दौर में रिसर्चर उनके कार्यों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। उनके रिसर्च में कई चौकाने वाली बातें सामने निकल कर आई हैं
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अध्ययन के बाद कई रिसर्चर ने दावा किया है कि लिओनार्दो दा विंची के कार्यों में एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल लाइफ (एलियन लाइफ) का प्रभाव दिखता है
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मशहूर यूएफओ ब्लॉगर स्कॉट सी के मुताबिक लिओनार्दो दा विंची एक एलियन थे। लिओनार्दो की असीमित बुद्धि और मेधा इस बात का संकेत है कि वो इस ग्रह के निवासी नहीं थे
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लिओनार्दो की पेंटिंग्स में हेलीकॉप्टर, उड़नतश्तरियों और कई ऐसी चीजों की चित्रकारी देखने को मिलती है, जिनका अविष्कार उस दौरान नहीं हुआ था
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ऐसे में कई विशेषज्ञों का ये सवाल है कि लिओनार्दो उन चीजों की चित्रकारी कैसे कर रहे थे, जिनकी खोज उस समय नहीं हुई थी
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इन्हीं कारणों के चलते ये दावा किया जाता है कि लिओनार्दो दा विंची एक एलियन थे