अमर उजाला
Fri, 16 June 2023
दूसरे देशों के मुकाबले आज भारत शिक्षा के मामले में भले ही पीछे हो, लेकिन ऐसा हमेशा से नहीं था
एक समय था जब हिंदुस्तान शिक्षा का केंद्र हुआ करता था दुनिया का पहला विश्वविद्यालय भारत में ही खुला था
बिहार के नालंदा में स्थित प्राचीन विश्वविद्यालय को नालंदा विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है
नालंदा विश्वविद्याल की स्थापना गुप्त काल के दौरान पांचवीं सदी में हुई थी जहां आठवीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी तक दुनिया के कई देशों से छात्र शिक्षा प्राप्त करने आते थे
भारत के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत, इंडोनेशिया, फारस और तुर्की से यहां करीब 10 हजार छात्र पढ़ते थे
गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम (450-470) द्वारा स्थापित किए गए इस विश्वविद्यालय को नौवीं शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त थी
लेकिन सन् 1199 में तुर्क आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने इस विश्वविद्यालय को जला कर पूरी तरह से नष्ट कर दिया
जिसके बाद अब यह एक खंडहर बनकर रह गया है जहां दुनियाभर से लोग घूमने के लिए आते हैं
चक्रवात 'बिपरजॉय' ने गुजरात में मचाई तबाही, तस्वीरों में देखें हालात