डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए देश में ऑनलाइन पेमेंट बढ़ रहा है और लोग क्रेडिट कार्ड पेमेंट ज्यादा कर रहे हैं। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए देश में ऑनलाइन पेमेंट बढ़ रहा है और लोग क्रेडिट कार्ड से भुगतान ज्यादा कर रहे हैं। ऑनलाइन पेमेंट के कई फायदे मिलते हैं तो कई नुकसान भी हैं। क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के बढ़ते मामले इसका उदाहरण हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड धारकों की थोड़ी सी लापरवाही भी उन्हें एक बड़ा नुकसान कराने वाली साबित हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन और कुछ सावधानियों को बरतकर क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से आसानी से बचा जा सकता है। आरबीआई की ओर से कहा गया कि बैंक खातों या क्रेडिट कार्ड से संबंधित किसी ईमेल-एसएमएस का जवाब संतुष्ट होने पर ही दें। क्रेडिट कार्ड धारक अपने कार्ड से जुड़े सीवीवी, ओटीपी समेत अन्य जानकारियां किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें। ऑनलाइन पेमेंट ज्यादा करने वाले क्रेडिट कार्ड धारक हमेशा नेट बैंकिंग का पासवर्ड हर 15 दिनों में बदलते रहें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय सुरक्षित साइट्स का इस्तेमाल करें। शॉपिंग साइट के बारे में सुनिश्चित करें कि वह फर्जी तो नहीं। क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करने से बचें, यह ऑनलाइन थेफ्ट का आसान निशाना होता है। भले ही आप बार-बार मैसेज आने से परेशान हों लेकिन अपने क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन अलर्ट को ऑन रखें। ये फायदेमंद रहेगा। अपने क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को चेक करते रहे हैं ताकि आईडेंटिटी थेफ्ट से फर्जी ट्रांजैक्शन का पता कर बैंक को तुरंत बता सकें। किसी दुकान या पेट्रोल पंप पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते वक्त ध्यान रखें कि सेल्सपर्सन कार्ड को आपसे कुछ ज्यादा दूर न ले जाए। किसी दुकान या पेट्रोल पंप पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते वक्त ध्यान रखें कि सेल्सपर्सन कार्ड को आपसे कुछ ज्यादा दूर न ले जाए।