आईफोन निर्माता एप्पल ने नया इतिहास रच दिया है। सोमवार को यह 3 खरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली पहली कंपनी बन गई। आईफोन निर्माता एप्पल ने नया इतिहास रच दिया है। सोमवार को यह 3 खरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली पहली कंपनी बन गई। शेयरों में उछाल से एप्पल ने तेजी से यह जादुई आंकड़ा छुआ है। 3 खरब डॉलर किसी कंपनी की अब तक की सबसे अधिक वैल्यू है। अक्तूबर के बाद से कंपनी ने बाजार पूंजीकरण में 700 बिलियन डॉलर जोड़े हैं। कोरोना के बावजूद इसके शेयर लगातार बढ़े हैं। एप्पल के शेयर का भाव सोमवार दोपहर को तीन फीसदी की वृद्धि के साथ 182.88 डॉलर पर पहुंच गया और इसी के साथ कंपनी सबसे मूल्यवान बन गई। गौरतलब है कि लोगों की पहली पसंद बने आईफोन का निर्माण करने वाली कंपनी एप्पल की स्थापना साल 1976 में की गई थी। कंपनी ने 2018 में एक ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छुआ था। यह उपलब्धि पाने में उसे 42 साल का लंबा समय लगा था। दो साल में ही कंपनी की मार्केट वैल्यू 2 ट्रिलियन डॉलर हो गई, जबकि 3 ट्रिलियन होने में इसे सिर्फ 16 महीने और 15 दिन लगे। अब वॉलमार्ट, डिज्नी, नेटफ्लिक्स, नाइकी, कोका-कोला और फोर्ड से एप्पल का बाजार मूल्यांकन बढ़कर कहीं ज्यादा हो गया है। ब्रिटेन की जीडीपी 2.83 ट्रिलियन और भारत की 2.72 ट्रिलियन डॉलर है। यानी एप्पल मार्केट कैप के हिसाब से इनसे बड़ी इकोनॉमी है। अमेरिका की नॉमिनल जीडीपी 20.49 ट्रिलियन डॉलर है। चीन (13.4 ट्रिलियन), जापान (4.97 ट्रिलियन) और जर्मनी की (4.00 ट्रिलियन) है। पांचवी सबसे बड़ी इकोनॉमी